इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स स्टेट सेंटर भोपाल को जनोन्मुखी बनाया जायेगा : राजेश बिसारिया

भोपाल । इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स देश की वह संस्था है जिसका इतिहास 100 वर्षों पुराना है। इसके अंतर्गत सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल एवं इंजीनियरिंग की सभी अन्य ब्रांच के विभिन्न विभागों में तथा निजी क्षेत्र में काम कर रहे इंजीनियर एक साथ एकत्रित होकर विभिन्न विषयों पर समय-समय पर विचार मंथन करते हैं। संस्था के हबीब गंज स्तिथ केंद्र में कार्यसमिति की बैठक में विगत दिवस निर्णय लिए गए की मध्यप्रदेश इकाई को और भी जनोन्मुखी बनाने हेतु विभिन्न आयोजन किए जायेंगे। लिए गए निर्णयों के अनुसार निजी क्षेत्र को भागीदार बनाकर संस्था के परिसर को पर्यावरणीय स्वरूप दिया जायेगा। विभिन्न इंजीनियरिंग कालेजों में स्टूडेंट चेप्टर का गठन कर इंजीनियरिंग छात्रों को इंडस्ट्री एक्सपोजर प्रदान किया जाएगा। इसके लिए इंजी. सुनील जोशी को अधिकृत प्रतिनिधि नामित किया गया।

संस्था जल्दी ही शिल्पायन नाम से एक पत्रिका का प्रकाशन करने जा रही है, जिससे प्रदेश भर के सदस्यों का पारिवारिक परस्पर संवाद बढ़ सकेगा। इसके लिए मैनिट से इंजी. भरत कुमार, इंदौर से इंजी. राजेंद्र गौतम, जबलपुर से इंजी. के.सी. जैन, भोपाल से इंजी. प्रभात कुमार तथा ग्वालियर के प्रतिनिधियों की टीम इंजी. विवेक रंजन श्रीवास्तव के मुख्य संपादन में निर्धारित की गई है। गोष्ठी में जबलपुर से इंजी. राकेश राठौर, इंजी. रमन मेहता, इंजी. पी.सी. दुबे, ग्वालियर से इंजी. भार्गव, भोपाल से वरिष्ठ इंजी. भावे, अधीक्षण इंजी. अशोक शर्मा, इंजी. भरत कुमार, इंजी. प्रभात कुमार व अन्य सदस्यों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

प्रतिमाह किसी एक विषय पर इंस्टिट्यूशन द्वारा राष्ट्रीय स्तर का तकनीकी सेमिनार हाइब्रिड मोड पर आयोजित हो रहा है। विगत दिवस फेलो इन्जी. विवेक रंजन श्रीवास्तव, सेवानिवृत मुख्य अभियंता द्वारा स्मार्ट सिटी पर वेबिनार के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई, जिसके लिए उन्हें तथा अन्य वेबीनार हेतु इंजी. प्रभात कुमार, इंजी. एच.एल. तिवारी मैनिट, इंजी. भरत को सम्मानित किया गया। विवेक रंजन श्रीवास्तव द्वारा लिखित पुस्तकें बिजली का बदलता परिदृश्य और अन्य किताबे इंस्टिट्यूशन के पुस्तकालय को भेंट की गई।

इस अवसर पर बोलते हुए ऊर्जावान अध्यक्ष राजेश बिसारया ने कहा कि विश्व जल दिवस पर 22 मार्च को शाम 6:30 से एक्सपर्ट लेक्चर का आयोजन हाइब्रिड मोड से किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इंस्टिट्यूशन को व्यापक सहभागिता से और भी जनोन्मुख बनाने के लगातार प्रयास किए जायेंगे। संस्था सचिव इंजी. अविनाश चंद्रा ने संचालन करते हुए कहा की इंस्टिट्यूशन की सदस्यता बढाने के प्रयास आवश्यक है। आभार प्रदर्शन के साथ गोष्ठी संपन्न हुई।

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