इंडिया रिसर्च टूर 2025 ने आज आईआईएम कोलकाता में शिक्षकों और शोधकर्ताओं से संवाद किया। इसके बाद यह टूर जादवपुर विश्वविद्यालय, भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) कोलकाता और एडमास विश्वविद्यालय में शिक्षकों व शोधकर्ताओं से मुलाकात और चर्चा करेगा।
शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने इस पहल की सराहना की, जो एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी ज्ञान अर्थव्यवस्था की नींव रखती है।
कोलकाता, 31 अक्टूबर 2025: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से स्प्रिंगर नेचर द्वारा शुरू की गई देश की सबसे महत्वाकांक्षी शोध पहलों में से एक, इंडिया रिसर्च टूर 2025, अब कोलकाता पहुँच चुका है। यह टूर शहर के चार प्रमुख संस्थानों भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) कलकत्ता, जादवपुर विश्वविद्यालय, भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) कोलकाता और एडमास विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों के साथ संवाद करेगा।

इस पहल के तहत यह टूर आईआईएम कोलकाता के शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों के साथ संवाद किया। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार शामिल हुए और अपने विचार साझा किए।
यह यात्रा 6 अक्टूबर से 13 नवंबर 2025 तक चलेगी और इसमें 7 राज्यों के 15 शहरों के 29 संस्थान शामिल होंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ‘ओपन एक्सेस’ और ‘ओपन साइंस’ को बढ़ावा देना, शोध की ईमानदारी को मजबूत करना, ई-बुक्स के उपयोग को प्रोत्साहित करना, संपादकीय बोर्ड के सदस्यों की भर्ती में सहायता करना और शोध में विविधता व समावेशिता को बढ़ावा देना है।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने कहा कि इंडिया रिसर्च टूर नवाचार और प्रगति की भावना को दर्शाता है और यह देश में अनुसंधान और खोज को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जुड़ा है। ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ (ONOS) और ‘अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन’ (ANRF) शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम हैं, जो सरकारी और साझेदारी वाली पहलों के माध्यम से शोध को नई दिशा देंगे।
हमारा प्रयास है कि शोध अधिक समावेशी हो और वैश्विक स्तर पर प्रेरणादायक बने। हमारे देश में क्षमता और योग्यता दोनों हैं, बस जरूरत है जुनून और लगन से आगे बढ़ने की। मैं सभी शोधकर्ताओं से यही आग्रह करता हूँ कि वे पूरे समर्पण के साथ अपने काम को आगे बढ़ाएँ।
इंडियन काउंसिल फॉर सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR) के सदस्य सचिव प्रोफेसर धनंजय सिंह ने कहा कि इंडिया रिसर्च टूर भारत सरकार की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि देश में सहयोग, क्षमता निर्माण और सभी के लिए ज्ञान की समान पहुंच के ज़रिए अनुसंधान और नवाचार को मज़बूत किया जाए।
ICSSR एक प्रमुख भागीदार के रूप में ‘ओपन एक्सेस’ को बढ़ावा देने, शोध में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखने, और विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहा है।
ऐसी पहलें हमारे लक्ष्य के अनुरूप हैं, एक ऐसा शोध वातावरण बनाना जो समावेशी, वैश्विक और प्रेरणादायक हो, ताकि देश के विद्वान भारत के सामाजिक, आर्थिक और विकास से जुड़ी प्राथमिकताओं में अहम भूमिका निभा सकें।
इस अवसर पर बोलते हुए, स्प्रिंगर नेचर इंडिया के प्रबंध निदेशक वेंकटेश सर्वसिद्धि ने कहा, “कोलकाता के संस्थान भारत की बौद्धिक और वैज्ञानिक यात्रा में सबसे आगे रहे हैं। यहाँ के शोधकर्ताओं के साथ जुड़ना सहयोग, सत्यनिष्ठा और समावेशन की भावना को पुष्ट करता है जो इंडिया रिसर्च टूर को प्रेरित करती है।
हमारा लक्ष्य शोधकर्ताओं को पहुँच, जागरूकता और नैतिक प्रथाओं के साथ सशक्त बनाना है जो वैश्विक ज्ञान में भारत के योगदान को गति दे सकते हैं। हम जिस भी शहर और संस्थान का दौरा करते हैं, वह एक ऐसे शोध पारिस्थितिकी तंत्र के हमारे साझा दृष्टिकोण को मजबूत करता है जो खुला, ज़िम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार है।”
इंडिया रिसर्च टूर 2025 की शुरुआत 6 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) से शिक्षा मंत्रालय और स्प्रिंगर नेचर द्वारा की गई थी। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से होकर गुज़रने के बाद यह टूर अब कोलकाता पहुँचा है। यह यात्रा कुल 15 शहरों और 7 राज्यों के 29 संस्थानों को कवर करेगी।
📍इंडिया रिसर्च टूर 2025 के मुख्य स्तंभ:
📌 ओपन एक्सेस (Open Access) को बढ़ावा देना और वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन (ONOS) पहल के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
📌 रिसर्च इंटीग्रिटी (शोध की सत्यनिष्ठा) और प्रकाशन क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर चर्चाओं को प्रोत्साहित करना।
📌 ‘हर रिसर्च, आवर फ्युचर’और ‘रिसर्च एंबेसडर प्रोग्राम’ जैसे पहलों के माध्यम से विविधता और समावेशन (Diversity and Inclusion) को बढ़ावा देना।
📌 ज्ञान के लोकतांत्रिकरण और उसकी सुलभता को सुदृढ़ बनाकर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (UN SDGs) का समर्थन करना।
परस्पर संवाद, कार्यशालाओं और विचार-विमर्शों के माध्यम से यह टूर यह जानने का प्रयास कर रहा है कि इन प्रमुख संस्थानों के शोधकर्ता भारत के विकास लक्ष्यों में कैसे योगदान दे सकते हैं, नवाचार को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं और विज्ञान तथा शिक्षा के क्षेत्र में भारत की वैश्विक पहचान को कैसे और मजबूत बना सकते हैं।
इंडिया रिसर्च टूर 2025 अपने अगले पड़ाव में असम और अरुणाचल प्रदेश की ओर बढ़ेगी। यह पहल शिक्षा जगत, शोध संस्थानों और नीति निर्माताओं की विविध आवाजों को एक मंच पर लाकर भारत की ज्ञान अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और नैतिक, समावेशी व प्रभावशाली अनुसंधान की संस्कृति को प्रोत्साहित कर रही है।
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