खड़गपुर ब्यूरो | 30 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान Indian Institute of Technology Kharagpur (आईआईटी खड़गपुर) परिसर में गुरुवार को एक सहायक प्रोफेसर का शव मिलने से सनसनी फैल गई।
मृतक की पहचान इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के 36 वर्षीय सहायक प्रोफेसर डॉ. दीपक रेड्डी पुल्लागुराम के रूप में हुई है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, डॉ. पुल्लागुराम मूल रूप से हैदराबाद के निवासी थे और नौकरी के सिलसिले में आईआईटी खड़गपुर परिसर के 2-बीआर-14 नंबर आवासीय क्वार्टर में अकेले रहते थे।
बताया गया कि बुधवार दोपहर पड़ोसी क्वार्टर के लोगों को कुछ असामान्य स्थिति का आभास हुआ, जिसके बाद उन्होंने संस्थान के सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी। सुरक्षा टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर खड़गपुर टाउन थाना के हिजली पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। बंद पड़े क्वार्टर का दरवाजा खोलने पर अंदर प्रोफेसर का शव मिला।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आईआईटी परिसर स्थित बी.सी. रॉय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच की स्थिति
घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी गई है। पुलिस ने कमरे को सील कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस व्यक्तिगत, पारिवारिक या अन्य किसी कारण की भी पड़ताल कर रही है।
मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
परिसर में चिंता का माहौल
इस घटना ने एक बार फिर आईआईटी खड़गपुर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुई अस्वाभाविक मौतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बीते दो वर्षों में संस्थान में छह से अधिक छात्रों और एक गैर-शिक्षण कर्मचारी की अस्वाभाविक मौत के मामले सामने आ चुके हैं।
इन घटनाओं के बाद संस्थान ने छात्रों और कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग तथा मानसिक स्वास्थ्य सहायता की विशेष व्यवस्था भी शुरू की थी।
हालांकि, इस बार एक सहायक प्रोफेसर की मौत ने पूरे परिसर में चिंता और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। समाचार लिखे जाने तक आईआईटी खड़गपुर प्रशासन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
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