कोलकाता। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल वेलफेयर एंड बिजनेस मैनेजमेंट (आईआईएसडब्ल्यूबीएम) ने अर्थडे नेटवर्क और स्विचऑन फाउंडेशन के सहयोग से “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” थीम पर केंद्रित विभिन्न प्रेरक गतिविधियों के साथ अर्थ डे 2025 मनाया। इस कार्यक्रम में शिक्षा के महत्व, समुदायों की भूमिका और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने तथा सतत विकास को आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया, जिनमें आईआईएसडब्ल्यूबीएम के निदेशक प्रो. (डॉ.) के.एम. अग्रवाल, आईआईएसडब्ल्यूबीएम में एमबीए-पब्लिक सिस्टम के प्रमुख प्रो. (डॉ.) प्रदीप के. सिकदर, अर्थ डे नेटवर्क इंडिया की कंट्री डायरेक्टर करुणा सिंह और नियोटिया विश्वविद्यालय के कुलपति तथा जादवपुर विश्वविद्यालय में ऊर्जा विज्ञान के पूर्व प्रोफेसर डॉ. विश्वजीत घोष शामिल थे।
इस कार्यक्रम में कई आकर्षक गतिविधियाँ शामिल थीं, जिसकी शुरुआत एक पैनल चर्चा से हुई, जिसमें पर्यावरण विशेषज्ञों, छात्र प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं को एक साथ लाया गया, ताकि पारिस्थितिकी परिवर्तन की दिशा में व्यक्तिगत और सामूहिक कार्रवाइयों का पता लगाया जा सके, विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, सतत उपभोग और सामुदायिक लामबंदी के माध्यम से।
पैनल चर्चा का विषय था “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह”, जिसका संचालन पश्चिम बंगाल विद्युत विकास निगम के पूर्व निदेशक प्रसून के. चक्रवर्ती ने किया। पैनलिस्टों में शामिल थे डॉ. विश्वजीत घोष, कुलपति, नियोटिया विश्वविद्यालय, ओंकार भट्टाचार्य, उप महाप्रबंधक, कॉर्पोरेट स्ट्रेटेजी, सीईएससी लिमिटेड, संदीपा लाहिड़ी आनंद, उप महाप्रबंधक, ईएचएस और सस्टेनिबिलिटी, विक्रम सोलर, सुरजीत चक्रवर्ती, महाप्रबंधक, स्विचऑन फाउंडेशन और सौनक साहा, पार्टनर, क्लाइमेट चेंज एंड सस्टेनिबिलिटी सर्विसेज, ईवाई एसोसिएट्स एलएलपी।
आईआईएसडब्ल्यूबीएम के डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) के.एम. अग्रवाल ने कहा, “अर्थ डे एक वार्षिक उत्सव से कहीं अधिक है – यह कार्रवाई का आह्वान है। इन आयोजनों के माध्यम से, हमारा उद्देश्य छात्रों को भविष्य के पर्यावरण नेता बनने के लिए ज्ञान और प्रेरणा दोनों से लैस करना है।”
आईआईएसडब्ल्यूबीएम के डिपार्टमेंट ऑफ़ पब्लिक सिस्टम्स के प्रमुख प्रोफेसर (डॉ.) प्रदीप के. सिकदर ने कहा, “यह जागरूक नागरिकों की सामूहिक आवाज है, जो सरकारों और निगमों को साहसिक प्रतिबद्धताएं बनाने और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करती है।”
ज्ञानवर्धक पैनल चर्चा के बाद, लगभग 80 विद्यार्थियों ने अर्थ डे की थीम को ध्यान में रखते हुए जागरूकता बढ़ाने और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
इसके बाद पोस्टर प्रस्तुतिकरण हुआ, जिसमें पर्यावरण से जुड़े मुद्दों और संभावित समाधानों पर केंद्रित रचनात्मक दृश्य अभिव्यक्तियाँ प्रदर्शित की गईं। प्रतिभागियों ने एक मॉडल-निर्माण प्रतियोगिता में भी भाग लिया, जिसने अभिनव सोच और व्यावहारिक स्थिरता विचारों को प्रोत्साहित किया, जबकि एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ने पर्यावरण ज्ञान को गहरा करने का एक मजेदार और आकर्षक तरीका प्रदान किया।
स्विचऑन फाउंडेशन के महाप्रबंधक सुरजीत चक्रवर्ती ने कहा, “आज के युवा शक्तिशाली विचार और ऊर्जा लेकर आते हैं। उन्हें एक स्थायी भविष्य के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाते देखना प्रेरणादायक है।”
अर्थ डे नेटवर्क इंडिया की कंट्री डायरेक्टर करुणा सिंह ने कहा, “युवाओं को सशक्त बनाना वास्तविक जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने की कुंजी है। जब युवा नेतृत्व करते हैं, तो स्थिरता आती है।”
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

