IIM उदयपुर ने लॉन्च किया बिजनेस रिव्यू मैगजीन का दूसरा संस्करण

देश की एकमात्र ऐसी मैनेजमेंट मैगजीन जिसका संचालन आईआईएम द्वारा किया जा रहा
पत्रिका का यह अंक ‘सप्लाई चेन मैनेजमेंट-द बिग पिक्चर टू एफिशिएंसी’ पर है केंद्रित

उदयपुर । भारतीय प्रबंधन संस्थान उदयपुर ने आज अपनी द्विवार्षिक आईआईएमयू बिजनेस रिव्यू पत्रिका के दूसरे अंक को लॉन्च किया। इस पत्रिका के प्रकाशन का उद्देश्य प्रेक्टिशनर्स के लिए उच्च गुणवत्ता वाले, प्रभाव छोड़ने में सक्षम रिसर्च को सुलभ बनाना और उन्हें विशेषज्ञों के ऐसे विशिष्ट ज्ञान से रूबरू कराना है, जिसे मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के लिए मूल्यवान माना जाता है।

मैगजीन के दूसरे अंक में सप्लाई चेन मैनेजमेंट (एससीएम) से संबंधित आलेख शामिल किए गए हैं। साथ ही इस संबंध में विशेषज्ञों के विचार भी लिए गए हैं, जिनमें सप्लाई चेन को बेहतर तरीके से मैनेज करने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। इसके अलावा, भविष्य के कारोबारों पर सप्लाई चेन मैनेजमेंट के संभावित असर की चर्चा भी की गई है और सप्लाई चेन मैनेजमेंट की दुनिया में होने वाले तकनीकी परिवर्तनों पर भी रोशनी डाली गई है।

पत्रिका के लिए अपने संपादकीय संदेश में आईआईएम उदयपुर के डायरेक्टर प्रो. जनत शाह ने कहा, ”आईआईएमयू का लक्ष्य न केवल रिसर्च को बढ़ावा देना है, बल्कि इसके प्रभाव को सुनिश्चित करना भी है। वैश्विक स्तर पर होने वाली तकनीकी और व्यावसायिक प्रगति को देखते हुए मैनेजमेंट से संबंधित और प्रोफेशनल लेवल की एक ऐसी पत्रिका की आवश्यकता भी नजर आ रही थी, जो ऐसे तमाम परिवर्तनों के बारे में स्पष्ट जानकारी दे सके। मुझे यकीन है कि पत्रिका का यह अंक अकादमिक शोधकर्ताओं और प्रेक्टिशनर्स को करीब लाएगा और इस बात का खुलासा करेगा कि कैसे प्रत्येक प्रोफेशनल व्यक्ति किसी दूसरे को प्रेरित और प्रोत्साहित कर सकता है।”

रिव्यु मैगज़ीन के अंक 2 के शुभारंभ पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए, मुख्य अतिथि श्री रजनीश बंसल, उपाध्यक्ष और प्रमुख प्रोक्योरमेंट एवं सप्लाई चौन, अदानी विल्मर लिमिटेड ने एक छोटी प्रस्तुति के साथ अपना भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, अडानी विल्मर ने पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल रूप से बदल दिया है। सप्लाई चेन तीन तरीकों से कार्य करती है, A. जब कच्चा माल संसाधित हो रहा हो, B. सूचना का प्रवाह और C. कुल पैसा, बचत की कुल लागत का अनुकूलन।

अदानी विल्मर एसएनओपी (बिक्री और परिचालन योजना), सोर्सिंग, लोजिस्टिक्स और संचालन जैसे आवश्यक सप्लाई चेन कंपोनेंट्स के साथ काम कर रहे हैं। उनके डेटाबेस मॉडल ने उन्हें कच्चे तेल से लेकर एफएमसीजी उप-उत्पादों के लिए प्रभावी निर्णय लेने में अधिक पारदर्शिता में मदद की है। सप्लाई चेन में डिजिटल परिवर्तन ने हमें बढ़ी हुई डेटा दृश्यता सुनिश्चित करने और बाजार की मांग में उतार-चढ़ाव का तुरंत जवाब देने में सक्षम बनाया है। हम अपनी सप्लाई चेन में संचालन और प्रोत्साहन के लिए डेटा एनालिटिक्स और विज़ुअल डैशबोर्ड का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं।

उन्होंने भारत के लॉजिस्टिक्स स्पेस में मैक्रो लेवल कंसर्न पर भी चर्चा की, जहां प्रतिदिन औसत यात्रा दूरी एक विकसित राष्ट्र का एक तिहाही है। उन्होंने अपनी अंतर्दृष्टि भी साझा की कि कैसे भारत में गोदाम अभी भी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर एक बदलाव देख रहे हैं। साथ ही भारत की लॉजिस्टिक लागत विकसित देशों की तुलना में जीडीपी 13-14 प्रतिशत है।

पत्रिका के संपादकीय सदस्य प्रो. अविजित रायचौधुरी ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा, ”मुझे इस बात की खुशी है कि आईआईएमयू बिजनेस रिव्यू पत्रिका का दूसरा अंक आखिरकार जारी किया जा रहा है, जबकि हाल के दौर में हम सबने कोरोना के कारण उपजे बेहद विपरीत हालात का सामना किया है। महामारी ने व्यवसायों की चमक को फीका कर दिया है और ऐसे दौर में ही पूरी दुनिया ने आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के महत्व को समझा है। हालांकि, विवेकपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन की वास्तविक गहराई और पैमाना अभी भी समझ से दूर है। इसलिए पत्रिका का दूसरा अंक खास तौर पर सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर ही केंद्रित है। पत्रिका का यह अंक दरअसल सप्लाई चेन मैनेजमेंट से संबंधित समस्त पहलुओं पर विशेषज्ञों के विचारों को हमारे सामने लाता है।

इसमें ऐसे विषयों पर चर्चा की गई है जो आने वाले दौर में कारोबार जगत की तस्वीर को बदलकर रख देंगे। आज पूरी दुनिया ने कोविड के उपरांत सप्लाई चेन मैनेजमेंट से जुड़े सभी पहलुओं के डिजिटलीकरण के महत्व को भी समझा है। इसके अलावा, इस अंक में आईआईएम उदयपुर के संकाय सदस्यों के उपयोगी शोध पत्रों को भी शामिल किया गया है, जो इस पत्रिका को और महत्वपूर्ण बनाते हैं। जल्द ही पत्रिका का अगला अंक भी सामने आएगा, जिसमें हेल्थकेयर से संबंधित सामग्री होगी और इसे साल की दूसरी छमाही में किसी समय जारी किया जाएगा।”

दूसरे अंक में प्रो. अनंत अय्यर, सीनियर एसोसिएट डीन, सुसान बल्कले बटलर चेयर इन ऑपरेशंस मैनेजमेंट, क्रैनर्ट स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, पर्ड्यू यूनिवर्सिटी और साहिल बरुआ, को-फाउंडर, डेल्हीवरी के साथ इंडस्ट्री इंटरव्यू भी शामिल किए गए हैं। पत्रिका में वॉलमार्ट लैब्स के सीनियर डायरेक्टर-स्ट्रेटेजी एंड ऑपरेशंस तथागत वर्मा का शोधपत्र भी प्रकाशित किया गया है। इसका शीर्षक है- ”रिथिंकिंग ग्लोबल सप्लाई चेन इन पोस्ट कोविड -19 वर्ल्ड”। पत्रिका में ‘रोल ऑफ ग्लोबल सप्लाई चेन मैनेजमेंट इन इंडियाज इकोनॉमिक रिकवरी इन पोस्ट कोविड वर्ल्ड” विषय पर प्रो. अविजित रायचौधुरी के लेख को भी स्थान दिया गया है।

इसके अलावा इस अंक में पुस्तकों के संक्षिप्त विवरण और लोकप्रिय लेखकों की समीक्षाएं और बी-स्कूल के संकाय सदस्यों के शोध से संबंधित ऐसे विजन भी शामिल हैं, जिन्हें शीर्ष वैश्विक पत्रिकाओं द्वारा स्वीकार किया गया है। आईआईएमयू परिसर में आयोजित लॉन्च में पत्रिकाओं के संपादकीय बोर्ड के सदस्यों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और आईआईएम उदयपुर के छात्रों ने भाग लिया।

Shrestha Sharad Samman Awards

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

8 − five =