डॉ. मधु आंधीवाल, अलीगढ़ । नल को खुला ना छोड़े – आप जब भी ब्रश करें, दाढ़ी बनायें, सिंक में बर्तन धोएं, तो जरूरत ना होने पर नल बंद रखे, बेकार का पानी ना बहायें। ऐसा करने से हम 6 लीटर प्रति मिनट पानी बचा सकते है। नहाते समय भी बाल्टी से पानी को व्यर्थ ना बहायें। नहाने के लिए शावर की जगह बाल्टी का उपयोग करें। अगर शावर उपयोग भी करें तो छोटे वाले लगायें, जिससे पानी की कम खपत हो। शावर का उपयोग ना करके हम 40-45 लीटर पानी प्रति मिनट बचा सकते है। जहाँ कहीं भी नल लीक करे, उसे तुरंत ठीक करवाएं, नहीं तो उसके नीचे बाल्टी या कटोरा रखें और फिर उस पानी का प्रयोग करें।madhu jpg

कम पॉवर वाली वाशिंग मशीन उपयोग करें, इससे पानी की बचत होती है एवं बिजली भी कम लगती है। वाशिंग मशीन में रोज थोड़े थोड़े कपड़े धोने की जगह इक्कठे करके धोएं। पौधों में पानी पाइप की जगह वाटर कैन से डालें, इससे बहुत कम पानी उपयोग होता है। पाइप से 1 घंटे में 1000 लीटर पानी तक पानी उपयोग हो जाता है, जो पूरी तरह से पानी का नुकसान है। हो सके तो कपड़े धोने वाले पानी को पोधों पर डालें। घर में पानी का मीटर लगवाएं। आप जितना पानी उपयोग करेंगे, उसके हिसाब से उसका बिल आएगा। बिल देते समय आपको समझ आएगा कि आपने कितना बर्बाद किया है और फिर आगे से ध्यान रखेंगे।

गीजर से गर्म पानी निकालते समय उसमें पहले ठंडा पानी आता है जिसे हम फेंक देते है। ऐसा नहीं करें, ठन्डे पानी को अलग बाल्टी में भरें, फिर गर्म पानी को दूसरी में। इस पानी को आप दूसरी जगह उपयोग कर सकते है।
फ्लश में भी बहुत अधिक पानी उपयोग होता है, इसलिए ऐसा फ्लश लगवाएं जिसमें पानी का फ़ोर्स कम हो। नालियां हमेशा साफ रखें, क्यूंकि जब ये चोक हो जाती है तो साफ करने के लिए बहुत पानी को बहाया जाता है। इसलिए पहले से ही साफ सफाई रखें। पेड़ पोधे लगायें जिससे अच्छी बारिश हो और नदी नाले भर जाएँ।

पानी को बचाने की जरुरत क्यों है? पैसों की बचत के लिए बिजली की बचत के लिए हमारे बचाने से जरूरतमंद के काम आएगा। जल की रक्षा हमेशा करें और ऐसा करने के लिए दूसरों को भी प्रेरित करें। हम करेंगे तभी हमारे छोटे भी हमसे सीखेंगे। रास्ते में कभी भी कही पर कोई नल खुला हुआ हो, तो उसे बंद करें, पाइप लाइन फूटी हो तो उसकी संबंधित अधिकारी से शिकायत करें। आजकल तो हमारे घर में पानी आ जाता है, पानी की कीमत वो लोग समझते है जो 4-5 किलो मीटर पैदल चलकर पानी भरने जाते है। 1-2 बाल्टी के लिए उन्हें घंटो लाइन में खड़े होना पड़ता है। हम उनकी मदद सीधे तौर पर तो नहीं कर सकते। लेकिन कम से कम पानी बचायें, जिससे सही हाथों तक ये पहुँच सके। आज से ही यह शुरुआत अपने घर से करे। यह एक सामाजिक/राष्ट्रीय जिम्मेदारी है जो हम सब को साथ मिल कर उठानी चाहिए।

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