कोलकाता हिन्दी न्यूज | 27 सितम्बर 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हुमायूं कबीर के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के संस्थापक और विधायक हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने उनके जल्द दुनिया से चले जाने की प्रार्थना करने की बात कही।
उनके बयान का वीडियो/रिपोर्ट सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।
क्या बोले हुमायूं कबीर?
रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुमायूं कबीर ने कहा कि वह ऊपरवाले से प्रार्थना करेंगे कि शुभेंदु अधिकारी जल्द दुनिया से चले जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने “हाथी के पांच पैर” देख लिए हैं।
हुमायूं कबीर के बयान के मुताबिक, उन्होंने कहा कि वह दुआ करेंगे कि शुभेंदु अधिकारी को जल्द “ऊपर जाने का टिकट” मिल जाए और उनके अहंकार का पतन हो।
यह बयान अब पश्चिम बंगाल की राजनीति में तीखी बहस का विषय बन गया है।
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का भी दिया उदाहरण
हुमायूं कबीर ने अपने बयान में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के साथ-साथ महाराष्ट्र के अजित पवार और माधवराव सिंधिया का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह इन नेताओं का राजनीतिक या जीवन का अंत हुआ, उसी तरह शुभेंदु अधिकारी के लिए भी “पृथ्वी से जाने” की बात कही। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की संभावना बढ़ गई है।
ममता बनर्जी का भी किया जिक्र
हुमायूं कबीर ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी का नाम भी लिया।
उन्होंने दावा किया कि जब उन्हें तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित किया गया था, तब उन्होंने भी ममता बनर्जी के सत्ता से हटने की प्रार्थना की थी।
उनके अनुसार, बाद में उनकी वह प्रार्थना पूरी हुई और ममता बनर्जी सत्ता से बाहर हो गईं। यह हुमायूं कबीर का व्यक्तिगत राजनीतिक दावा है।
शुभेंदु और हुमायूं के बीच पहले भी हुआ है विवाद
शुभेंदु अधिकारी और हुमायूं कबीर के बीच राजनीतिक बयानबाजी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी हुमायूं कबीर ने शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं।
हाल के दिनों में भी हुमायूं कबीर का नाम कई राजनीतिक विवादों में सामने आया है। रेजीनगर उपचुनाव के प्रचार को लेकर उनके बयानों और गतिविधियों पर भी राजनीतिक बहस हुई है।
उपचुनाव के बीच बयान से बढ़ा विवाद
यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। हुमायूं कबीर की पार्टी भी रेजीनगर से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम में सक्रिय रही है।
ऐसे में मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह का बयान चुनावी माहौल में राजनीतिक टकराव को और बढ़ा सकता है। हालांकि, इस बयान पर आगे क्या राजनीतिक या कानूनी प्रतिक्रिया होती है, इस पर नजर रहेगी।
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