नेशनल न्यूज डेस्क | 14 जुलाई 2026: हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में दो वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमले में एक भारतीय नाविक की मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। घटना के बाद पहली बार ईरान ने आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि संबंधित जहाजों को कई बार चेतावनी दी गई थी।
इसके बावजूद वे संदिग्ध तरीके से बिना अनुमति हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश कर रहे थे। इसी कारण कार्रवाई की गई। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब पिछले तीन दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है।
यूएई का दावा- दो जहाजों पर हुआ हमला
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि ‘मोम्बासा’ (Mombasa) और ‘अल बहिया’ (Al Bahiyah) नामक दो जहाजों पर ओमान तट के पास हमला किया गया।
हमले में कुल 8 लोग घायल हुए, जिनमें 6 भारतीय नाविक शामिल हैं। ‘मोम्बासा’ जहाज पर सवार एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि चार अन्य की हालत गंभीर बताई गई है। घटना के बाद यूएई ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
चेतावनी के बावजूद आगे बढ़ रहे थे जहाज
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने बयान में भारतीय नाविक की मौत का उल्लेख नहीं किया। हालांकि उसने दावा किया कि दोनों जहाजों ने अपनी नेविगेशन प्रणाली बंद कर दी थी और संदिग्ध तरीके से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश कर रहे थे।
ईरान के अनुसार, सुरक्षा बलों ने जहाजों को कई बार रुकने और दिशा बदलने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके बाद दोनों जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
ईरान ने अमेरिका पर लगाया गंभीर आरोप
ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका कथित तौर पर कुछ जहाजों को “गैरकानूनी मार्ग” से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कराने में मदद कर रहा है। तेहरान ने चेतावनी दी कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो क्षेत्र में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
गौरतलब है कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव फिर तेज हो गया है।
एक महीने पहले भी हुई थी ऐसी घटना
करीब एक महीने पहले भी ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज पर हमला हुआ था, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई थी। उस घटना के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत कर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
बाद में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि हॉर्मुज़ क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए अमेरिकी नौसेना की ओर से निगरानी अभियान चलाया जा रहा है और वहां से गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी निर्देशों का पालन करना होगा।
अब सवाल उठ रहा है कि क्या इन्हीं निर्देशों का पालन करने की कोशिश में एक और भारतीय नाविक की जान चली गई?
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