अशोक वर्मा, चांपदानी। हुगली ज़िले का प्रथम सरकारी प्राथमिक विद्यालय “शिवतल्ला प्राथमिक विद्यालय चांपदानी” आज शिक्षा का ऐसा मॉडल बनकर उभरा है जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है। जहां अधिकांश सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठते रहते हैं, वहीं शिवतल्ला प्राथमिक विद्यालय अपनी समर्पित शिक्षकीय टीम, अनुशासित वातावरण और उच्च स्तरीय शैक्षणिक व्यवस्था के कारण बाकियों से बिल्कुल अलग पहचान बना चुका है।
विद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही बच्चों की ऊर्जा, दीवारों पर आकर्षक कलाकृतियाँ, सजे-धजे गमलों में रंग-बिरंगे फूल और स्वच्छ वातावरण किसी भी प्राइवेट स्कूल को मात देता है। यहां पढ़ने वाले बच्चे योग, स्वच्छता, संस्कार, मिड-डे-मील की गुणवत्ता सहित हर क्षेत्र में विशेष निगरानी और मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं।
विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक अशोक चौधरी का कहना है “अगर जिले के हर सरकारी विद्यालय में ऐसी व्यवस्था लागू हो जाए, तो प्राइवेट स्कूलों की मनमानी अपने आप खत्म हो जाएगी। अंग्रेज़ी के नाम पर गरीब परिवारों पर जो आर्थिक बोझ पड़ता है, उससे उन्हें मुक्ति मिलेगी।

सरकारी स्कूलों के शिक्षक यदि अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाएँ, तो बच्चों को बेहतरीन शिक्षा मिल सकती है।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके विद्यालय के बच्चे प्राइवेट स्कूल के बच्चों से किसी भी मायने में कम नहीं हैं। समस्या केवल एक है – जिन अभिभावकों के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं, वे वहाँ पूरी सजगता दिखाते हैं।
लेकिन सरकारी स्कूल भेजते ही वह ध्यान कम हो जाता है। यदि अभिभावक भी थोड़ा सहयोग और जागरूकता दिखाएँ, तो सरकारी स्कूलों के बच्चे भी शत-प्रतिशत उत्कृष्ट परिणाम ला सकते हैं।
शिवतल्ला प्राथमिक विद्यालय की यह पहल यह सिद्ध करती है कि यदि शिक्षक, व्यवस्था और अभिभावक तीनों मिलकर जिम्मेदारी निभाएं, तो सरकारी विद्यालय भी बच्चों का भविष्य बदल सकते हैं और शिक्षा का सशक्त माध्यम बन सकते हैं।
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