'Home for BMT' opens in Mumbai for children suffering from Thalassemia

मुंबई में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए खुला ‘होम फॉर बीएमटी’

  • चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन बना मासूमों का सहारा, इलाज के दौरान परिवारों को मिलेगा मुफ्त ठिकाना और सपोर्ट

अनिल बेदाग, मुंबई : बच्चों के कल्याण और मानवीय सहायता के क्षेत्र में अग्रणी गैर-लाभकारी संस्था चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन ने स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्था ने मुंबई में विशेष रूप से बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी) कराने वाले बच्चों के लिए ‘होम फॉर बीएमटी’ की स्थापना की है।

यह केंद्र उन परिवारों के लिए एक सुरक्षित और सहायक ठिकाना बन गया है जो अपने बच्चों के थैलेसीमिया और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर-दराज के इलाकों से मुंबई आते हैं।

मुख्य बातें – :

  • ‘होम फॉर बीएमटी’ – बीएमटी कराने वाले बच्चों और परिवारों के लिए विशेष केंद्र
  • सुविधाएं – मुफ्त ठिकाना, पौष्टिक भोजन, यात्रा सहायता, बच्चों की शिक्षा
  • अब तक मदद – 4,226 से अधिक बच्चों को सहायता
  • उद्देश्य – इलाज के दौरान परिवारों का वित्तीय और भावनात्मक बोझ कम करना
  • संस्था – चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन
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'Home for BMT' opens in Mumbai for children suffering from Thalassemia

अस्पताल के बाहर का संघर्ष खत्म

अक्सर देखा गया है कि अस्पताल की चारदीवारी के बाहर परिवारों को रहने, खाने और परिवहन जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। ‘होम फॉर बीएमटी’ इसी कमी को पूरा करने का प्रयास है। यह पहल केवल सिर छिपाने की जगह नहीं है, बल्कि एक समग्र सहायता तंत्र है। यहाँ रहने वाले परिवारों को मिलेगा:

  • पौष्टिक भोजन
  • यात्रा सहायता
  • दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुएं
  • बच्चों की शिक्षा का ध्यान (ताकि उपचार के दौरान पढ़ाई का नुकसान न हो)

संस्था का मानना है कि उपचार केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि एक सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण से भी होता है। अब तक चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन 4,226 से अधिक बच्चों को जानलेवा बीमारियों से लड़ने में मदद कर चुकी है। इस नई पहल के माध्यम से फाउंडेशन उन अनकही चुनौतियों का समाधान कर रहा है जिनका सामना एक गरीब परिवार लंबे इलाज के दौरान करता है।

कार्यकारी निदेशक जीजी जॉन का बयान

चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक श्री जीजी जॉन ने कहा: “’होम फॉर बीएमटी’ का निर्माण केवल चिकित्सा सहायता के लिए नहीं, बल्कि भावनात्मक और व्यावहारिक संबल देने के लिए किया गया है। मुंबई जैसे शहर में महंगे खर्चों के कारण कई परिवार इलाज बीच में ही छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। यह केंद्र माता-पिता के वित्तीय बोझ को कम करता है ताकि उनका पूरा ध्यान केवल अपने बच्चे के ठीक होने पर रहे।”

समाज के लिए अमूल्य योगदान

चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन ने सिद्ध कर दिया है कि वह मुश्किल घड़ी में बच्चों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। ‘होम फॉर बीएमटी’ आज के समय में समाज के लिए एक अमूल्य योगदान के रूप में उभर रहा है।

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यह पहल न केवल थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के इलाज में सहायता करती है, बल्कि परिवारों को मानसिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है।

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