कोलकाता हिंदी न्यूज़ | 13 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल हिंदी विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग, प्लेसमेंट एंड स्टूडेंट वेलफेयर सेल द्वारा पहली बार एक-दिवसीय ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विषय था – अमूर्त क्षमता को आकार देना: कैरियर और जीवन के लिए व्यवहार कौशल।
कुलपति प्रो. नंदिनी साहू की अध्यक्षता में हुआ आयोजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू ने की। मुख्य वक्ता के रूप में IGNOU, नई दिल्ली की स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की प्रोफेसर डॉ. अनुप्रिया पांडे उपस्थित रहीं।
मुख्य वक्ता डॉ. अनुप्रिया पांडे ने दिए कैरियर टिप्स
डॉ. अनुप्रिया पांडे ने व्यवहार कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थान अब तकनीकी कौशल के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स और संचार कौशल पर भी जोर देते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी कौशल से साक्षात्कार मिल सकता है, लेकिन स्थायी नौकरी व्यवहार कौशल से मिलती है।
जोहरी विंडो मॉडल से समझाया आत्म जागरूकता
डॉ. पांडे ने जोहरी विंडो मॉडल का उदाहरण दिया। यह मॉडल आत्म जागरूकता को समझने में मदद करता है। उन्होंने सहानुभूति, संचार कौशल और टीमवर्क को मानव संसाधन विकास के प्रमुख कारक बताया।
कुलपति ने ऑफलाइन कौशल वर्धन कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू करने की घोषणा की
कुलपति प्रोफेसर नंदिनी साहू ने कहा कि पारंपरिक संस्थान पुराने तरीकों पर निर्भर रहते हैं, जिससे नवाचार रुक जाता है। उन्होंने ऑफलाइन कौशल वर्धन कार्यक्रमों की नई श्रृंखला शुरू करने की घोषणा की।
शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्रों ने व्यवहार कौशल के महत्व को सराहा
संगोष्ठी में हिंदी विश्वविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं, जिनमें डॉ. जे.के. भारती, डॉ. रेखा कुमारी त्रिपाठी, डॉ. के.एन. भारती, काजरी दास, मधुबनती गांगुली, अमन, राज और अन्य शामिल थे।
अन्य संस्थानों से विनोद यादव भी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। सभी ने व्यवहार कौशल को कैरियर में उपयोगी बताया।
कार्यक्रम का संचालन और समापन ट्रेनिंग, प्लेसमेंट एंड स्टूडेंट वेलफेयर सेल के संयोजक डॉ. इंद्रजीत यादव ने किया। यह संगोष्ठी छात्रों के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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