कोलकाता। हिन्दी पखवाड़ा के अवसर पर दिनांक 18 सितंबर 2025, दिन वृहस्पतिवार को खादी और ग्रामोद्योग आयोग, कोलकाता एवं ऋषि बंकिम चन्द्र सांध्य कॉलेज, नैहाटी के संयुक्त तत्वाधान में महाविद्यालय परिसर में हिन्दी निबंध प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. देवाशीष भौमिक, आयोग के हिंदी अधिकारी प्रभू प्रसाद यादव, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. बिक्रम कुमार साव, हिंदी विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. कलावती कुमारी, प्राध्यापक डॉ. जय प्रकाश साव, डॉ. अनुप कुमार गुप्ता और रुद्रकांत झा सहित भारी संख्या में प्रतिभागी और विद्यार्थी उपस्थित रहें।
हिन्दी पखवाड़ा के उपलक्ष्य पर हो रहे हिंदी निबंध प्रतियोगिता कार्यक्रम में अध्यक्षीय वक्तव्य रखते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष भौमिक ने मातृभाषा को महत्वपूर्ण बताते हुए हिन्दी सहित सभी भारतीय भाषाओं को सम्मान देने और सीखने की बात कही।
आयोग के हिन्दी अधिकारी प्रभू प्रसाद यादव ने हिन्दी दिवस को एक सांस्कृतिक उत्सव बताते हुए उसे संस्कार स्वरूप ग्रहण करने की बात पर विशेष बल दिया। साथ ही आयोग द्वारा आयोजित कराने वाली इन प्रतियोगिता के उद्देश्य पर अपने सार्थक विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. बिक्रम कुमार साव ने अपने वक्तव्य में हिन्दी दिवस के महत्व को बताते हुए कहा कि भारत एक बहुभाषाभाषी देश है। यह विविधता ही हमारी मजबूती है। अमूमन लोग सोचते हैं कि हिन्दी दिवस सिर्फ हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु मनाया जाता जबकि हिंदी दिवस समस्त भारतीय भाषाओं को जोड़ने, एकत्व स्थापित करने के उद्देश्य से भी मनाया जाता है।
हिन्दी की लड़ाई भारतीय भाषाओं से कभी नहीं रही बल्कि अंग्रेजी भाषा के वर्चस्वादी भावनाओं से रही है। हिन्दी तो समस्त भारतीय भाषाओं को साथ लेकर चलने की पक्षधर है। हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. जय प्रकाश साव ने सभी मातृभाषा में एकता स्थापित करते हुए कहा कि सभी मातृभाषा मां के समान होती है।
माँ जिस प्रकार अपने बच्चों को कभी भी ग़लत शिक्षा नहीं दे सकती ठीक उसी प्रकार हमारी मातृभाषा भी हमें आपस में मतभेद करना नहीं सिखाती। यह जो समाज में भाषायी द्वेष फैला है वह हमारे निजी भावनाओं का अतिरेक है।
जिस पर हमें काबू पाना चाहिए । हम अगर भावनात्मक दृष्टि में साधारणीकरण ला कर दूसरी भाषाओं के भावों को महत्व दें तो यह मतभेद मिट जाएगा। प्राध्यापक डॉ. अनुप कुमार गुप्ता ने जेसिंता केरकेट्टा की कविता ‘मातृभाषा’ के माध्यम से अपने भावनात्मक उद्गारों को कार्यक्रम मैं उपस्थित सभी के समक्ष प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता में अंजलि कुमारी, रोशनी दास, सन्नी साव, अमन प्रसाद, मुस्कान साव ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया साथ ही दीपक साव ने तृतीय स्थान एवं अस्कित मिश्रा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अनुपमा वर्मा ने प्राप्त किया। संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन महाविद्यालय के हिंदी विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. कलावती कुमारी ने किया एवं विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को निकट भविष्य में भी प्रतियोगितामूलक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में हिन्दी विभाग सहित महाविद्यालय के अन्य विभाग के छात्रगण भी उपस्थित रहें एवं अन्य विभाग के अध्यापकों का सहयोग भी सराहनीय रहा।
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