कोलकाता | 16 जनवरी 2026: अब गंभीर बीमारी या सर्जरी के बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में लंबे समय तक रुकना जरूरी नहीं रहा। कोलकाता में हेल्थ प्लस तेजी से एक भरोसेमंद और पेशेवर होम हेल्थकेयर सेवा प्रदाता के रूप में उभर रहा है, जो मरीजों को उनके घर पर ही अस्पताल-स्तर की विशेषज्ञ देखभाल उपलब्ध करा रहा है।
हेल्थ प्लस की सोच बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली है—सबसे बेहतर इलाज वहीं होता है, जहां मरीज खुद को सुरक्षित और सुकून में महसूस करता है। इसी विचार को ज़मीन पर उतारने के उद्देश्य से वर्ष 2019 में वरिष्ठ स्वास्थ्य प्रशासक श्री देबाशिस रॉय ने हेल्थ प्लस की स्थापना की थी।
अस्पताल से घर तक इलाज की पूरी व्यवस्था
हेल्थ प्लस उन चुनौतियों को दूर करने पर काम करता है, जिनका सामना मरीजों और उनके परिवारों को अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद करना पड़ता है। संस्था के माध्यम से मरीजों को

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डॉक्टर की होम विज़िट
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टेली-कंसल्टेशन
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फिजियोथेरेपी और रिहैबिलिटेशन सपोर्ट
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डायग्नोस्टिक सेवाएं
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मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता
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आईसीयू-स्तर की होम केयर सुविधाएं
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प्रशिक्षित केयरगिवर्स की सहायता
जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल रही हैं। इसका मकसद इलाज की प्रक्रिया को सरल, सुरक्षित और तनाव-मुक्त बनाना है।
अनुभवी टीम और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
फिलहाल हेल्थ प्लस 50 से अधिक प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवरों की टीम के साथ काम कर रहा है। इसके साथ ही कोलकाता के प्रतिष्ठित डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स का एक सलाहकार बोर्ड संस्था को मार्गदर्शन प्रदान करता है।
शीर्ष अस्पतालों में दशकों के अनुभव से मिली विशेषज्ञता हेल्थ प्लस की सेवाओं को गुणवत्ता, सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता के उच्चतम मानकों पर खरा उतारती है।
बड़े अस्पतालों के साथ साझेदारी
हेल्थ प्लस देश के कई प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है, जिनमें टाटा मेडिकल सेंटर, एचसीजी कैंसर सेंटर, सीएमआरआई, बी.एम. बिड़ला हार्ट रिसर्च सेंटर, फोर्टिस और आईएलएस हॉस्पिटल्स शामिल हैं।
इन साझेदारियों के ज़रिए मरीजों को अस्पताल और घर के बीच बेहतर समन्वय वाली देखभाल मिल रही है।
क्या कहती हैं चेयरपर्सन डॉ. रुपाली बसु
हेल्थ प्लस की चेयरपर्सन डॉ. रुपाली बसु कहती हैं, “उत्तम स्वास्थ्य सेवा सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है। यह विश्वास, सहानुभूति और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में क्लिनिकल उत्कृष्टता को शामिल करने की प्रतिबद्धता है।”
घर बैठे इलाज की ओर बढ़ता भरोसा
तेज़ रफ्तार जीवन, बुजुर्गों की बढ़ती ज़रूरतें और अस्पतालों का दबाव—इन सबके बीच हेल्थ प्लस जैसे होम हेल्थकेयर मॉडल भविष्य की स्वास्थ्य सेवा की दिशा तय करते नजर आ रहे हैं। कोलकाता में इसकी बढ़ती स्वीकार्यता इस बात का संकेत है कि लोग अब इलाज के लिए घर को ही सबसे सुरक्षित जगह मानने लगे हैं।
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