कोलकाता/भोपाल। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को भी बीते दिनों पश्चिम बंगाल के प्रभारी पद से मुक्त कर दिया गया है। कैलाश विजयवर्गीय भी एमपी के कद्दावर नेता हैं। वह लगातार पश्चिम बंगाल में मेहनत कर रहे थे। विधनासभा चुनाव में हार के बाद वह पश्चिम बंगाल से दूर हैं। वह इन दिनों एमपी में ही सक्रिय हैं। वहीं, अब कैलाश विजयवर्गीय के सियासी भविष्य को लेकर भी कई अटकलें हैं। हालांकि, इन सबके बीच कैलाश विजयवर्गीय का इसको लेकर बड़ा बयान सामने आया है। विजयवर्गीय ने कहा की वो अभी भी बंगाल के प्रभारी है, न जाने यह बात कहा से आई कि बंगाल प्रभार मुझसे वापस ले लिया। मुझे अब भी वहा से मुक्त नहीं किया गया है। वहां का प्रभार अब भी मेरे पास है।

वहीं, बुधवार को नए सिरे से भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति का गठन किया। इसमें लगभग दो वर्षों से सक्रिय राजनीति से दूर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया को जगह दी गई है। जबकि, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को रिटेन नहीं किया गया है। क्या 2023 के चुनाव से पहले कैलाश विजयवर्गीय को राज्य में ही पार्टी कोई बड़ी जिम्मेदारी देगी।

इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा की जटिया उनके मेरे पुराने मित्र हैं। वह जमीनी कार्यकर्ता है। 1983 में मैंने पार्षद का चुनाव लड़ा था तो वे उज्जैन के सांसद थे। उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्हें पांच वार्ड की जिम्मेदारी दी गई थी। वह सभी पांच वार्ड जीते थे। वह लेडीज साइकिल से सुबह होते ही निकल जाते थे। लगातार काम करते थे। वह बेहद जमीने कार्यकर्ता है, इसलिए उन्हें पार्टी ने मौक़ा दिया और उन्हें बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है।

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