Shamik

हालिशहर में ममता बनर्जी के काफिले पर जूता-कीचड़ फेंकने का आरोप; शमीक बोले- ‘यह बंगाल की संस्कृति नहीं’

कोलकाता हिन्दी न्यूज | 09 अगस्त 2026: उत्तर 24 परगना के  हालिशहर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रविवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। एक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत के बाद उसके परिवार से मिलने पहुंचीं ममता बनर्जी के खिलाफ स्थानीय लोगों के एक समूह ने प्रदर्शन किया।

इस दौरान उनके काफिले की ओर कादा और पानी फेंकने तथा जूता उछालने का आरोप लगा। प्रदर्शनकारियों की ओर से ‘चोर’ और अन्य नारे लगाए जाने की भी बात सामने आई है।

हालांकि विरोध के बीच ममता बनर्जी मृतक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलीं और उनकी पत्नी से बातचीत की।

TMC कार्यकर्ता की मौत के बाद पहुंचीं ममता

दरअसल, उत्तर 24 परगना के कांचरापाड़ा के 24 नंबर वार्ड निवासी बिरजू कुमार को शुक्रवार रात पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ इलाके में कथित तौर पर वसूली और मारपीट से जुड़े आरोपों की जांच चल रही थी। वह तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ बताया जाता था।

परिवार के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद बिरजू का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। उनकी पत्नी का दावा है कि शाम के समय जब उन्होंने लॉकअप में उनसे मुलाकात की, तब उनकी हालत सामान्य थी।

वहीं, हालिशहर थाना पुलिस का दावा है कि शुक्रवार तड़के बिरजू को लॉकअप में अस्वस्थ अवस्था में पाया गया।

इसके बाद उसे कल्याणी स्थित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की घटना के बाद राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया।

परिवार से मिलने पहुंचीं ममता, हुआ विरोध

रविवार दोपहर ममता बनर्जी मृतक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने हलिशहर पहुंचीं। उनके साथ तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी, दোলা सेन और उपासना चौधरी भी मौजूद थीं।

यह भी पढ़ें:  शराब बिक्री को लेकर आपस में भिड़े तृणमूल अंचल युवा उपाध्यक्ष व अंचल उपप्रधान

इसी दौरान ममता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले की ओर पानी और कादा फेंका तथा जूता भी उछाला। प्रदर्शन के दौरान ‘चोर’ और ‘डाकातरानी’ जैसे नारे लगाए गए।

हालांकि भारी विरोध के बावजूद ममता बनर्जी मृतक की पत्नी से मिलीं और परिवार के सदस्यों से बातचीत की।

शामिक भट्टाचार्य ने की घटना की निंदा

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शामिक भट्टाचार्य ने इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह का विरोध बंगाल की संस्कृति का हिस्सा नहीं है।

शामिक ने साथ ही दावा किया कि इस घटना से भाजपा का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी नेता के काफिले पर जूता या कादा फेंकना उचित नहीं है।

अग्निमित्रा पाल ने भी किया विरोध

भाजपा नेता और राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ हुए इस तरह के विरोध को सही नहीं माना। हालांकि उन्होंने ममता बनर्जी के शासनकाल को लेकर गंभीर राजनीतिक आरोप भी लगाए।

अग्निमित्रा पाल ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में ममता बनर्जी के शासन में कई ऐसे फैसले हुए, जिनको लेकर लोगों में नाराजगी रही है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और आम लोगों पर कथित अत्याचार के मुद्दे भी उठाए।

यह भी पढ़ें:  अवैध और कच्ची शराब के खिलाफ आबकारी विभाग का अभियान जारी

हालांकि उन्होंने साफ कहा कि राजनीतिक असहमति के बावजूद किसी के वाहन पर कादा फेंकना, जूता उछालना या अपमानजनक नारे लगाना समर्थन योग्य नहीं है।

मौत की जांच को लेकर भी सवाल

बिरजू कुमार की मौत को लेकर पुलिस और परिवार के दावों में अंतर सामने आया है। परिवार का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद उनकी हालत ठीक थी, जबकि पुलिस के अनुसार वह लॉकअप में अस्वस्थ हालत में मिले थे।

ऐसे में मौत की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर जांच महत्वपूर्ण हो गई है। इसी घटना के बाद ममता बनर्जी के हलिशहर दौरे के दौरान हुए विरोध ने मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है।

अब इस पूरे मामले में बिरजू कुमार की मौत की जांच और ममता बनर्जी के खिलाफ हुए प्रदर्शन—दोनों को लेकर आगे की कार्रवाई पर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर नजर बनी हुई है।

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च करफॉलो करें।

Kolkata News Desk Avatar

Kolkata News Desk

News Editor MA

कोलकाता और पश्चिम बंगाल की ब्रेकिंग न्यूज, स्थानीय घटनाओं, खेल, राजनीति और सामाजिक मुद्दों की खबरों को कवर करता है। हमारी डेस्क टीम 24×7 सक्रिय रहकर पाठकों को ताज़ा और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराती है।

यह भी पढ़ें:  त्रिपुरा में ममता ने कहा : राज्य के विकास की जिम्मेदारी हमारी
Areas of Expertise: Sports, Politics & West Bengal
Fact Checked & Editorial Guidelines

Our Fact Checking Process

We prioritize accuracy and integrity in our content. Here's how we maintain high standards:

  1. Expert Review: All articles are reviewed by subject matter experts.
  2. Source Validation: Information is backed by credible, up-to-date sources.
  3. Transparency: We clearly cite references and disclose potential conflicts.
Reviewed by: Subject Matter Experts

Our Review Board

Our content is carefully reviewed by experienced professionals to ensure accuracy and relevance.

  • Qualified Experts: Each article is assessed by specialists with field-specific knowledge.
  • Up-to-date Insights: We incorporate the latest research, trends, and standards.
  • Commitment to Quality: Reviewers ensure clarity, correctness, and completeness.

Look for the expert-reviewed label to read content you can trust.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

four × one =