नौकरी रद्द होने के फैसले के खिलाफ खंडपीठ पहुंचे ग्रुप सी कर्मी

कोलकाता। अवैध तरीके से नियुक्ति की वजह से नौकरी रद्द करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के एकल पीठ के फैसले के खिलाफ ग्रुप सी कर्मियों का एक हिस्सा खंडपीठ पहुंचा है। न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली ने उनकी नौकरी रद्द करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार और सुप्रतिम भट्टाचार्य की खंडपीठ में सोमवार को याचिका लगी है।

इसी सप्ताह मामले की सुनवाई हो सकती है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता पार्थ देवबर्मन ने आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि गत शुक्रवार को एकल पीठ ने ग्रुप सी के 750 लोगों की नौकरी रद्द करने का आदेश एकल पाठ ने दिया था। साथ ही एसएससी की सिफारिश पत्र के बगैर नौकरी कर रहे 57 लोगों को भी नौकरी से हटाने का आदेश दिया था। इसी सिलसिले में खंडपीठ में एकल पीठ के इस फैसले पर स्थगन लगाने की याचिका लगाई गई है।

अभिनेता बोनी की मां पिया पर भी भ्रष्टाचार के आरोप, हाई कोर्ट में याचिका

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के चर्चित नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में ईडी पूछताछ का सामना कर रहे अभिनेता बोनी सेनगुप्ता की मां पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ईस्टर्न इंडिया मोशन पिक्चर्स एसोसिएशन (ईम्पा) चुनाव में कुंतल ने कथित तौर पर लाखों रुपये खर्च कर मतदाताओं को खरीदा था ताकि बोनी की मां पिया सेनगुप्ता को अध्यक्ष चुना जा सके। फिलहाल वह अध्यक्ष हैं। इस सिलसिले में टॉलीवुड निर्देशकों के एक समूह ने उनके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई है।

बताया गया है कि 2017 के सितंबर महीने में इम्पा परिचालन समिति का चुनाव हुआ था। पिया को अध्यक्ष का चुनाव जिताने के लिए कुंतल ने सक्रिय भागीदारी निभाई थी और भारी मात्रा में धनराशि खर्च किया था। हालांकि बोनी की मां ने इस संबंध में हर तरह के आरोप से इनकार किया। सोमवार को याचिका दाखिल होने के बाद उन्होंने कहा है कि कुंतल ईम्पा का सदस्य नहीं है। ऐसे में वह रुपये दे ही नहीं सकता। यह बेबुनियाद आरोप है और केवल मुझे बदनाम करने की कोशिश हो रही है।

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