IMG 20251117 WA0014

हरित श्रद्धांजलि : माँ की स्मृति में श्यामल बेरा का एक लाख वृक्ष लगाने का संकल्प

पश्चिम मेदिनीपुर के समाजसेवी ने अब तक लगाए पंद्रह हजार पेड़, पर्यावरण संरक्षण को बना लिया जीवन का ध्येय

तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर द्वितीय ब्लॉक के निवासी श्यामल कुमार बेरा आज पूरे राज्य में “वृक्षमित्र” के रूप में पहचाने जाते हैं। अपनी माता सरस्वती देवी की स्मृति में अब तक उन्होंने पंद्रह हजार से अधिक पौधे लगाए हैं और उनका संकल्प है कि एक दिन पूरे देश में एक लाख वृक्ष लगाएँगे।

📌 ऊष्मीकरण और पर्यावरणीय संकट : वैश्विक ऊष्मीकरण के कारण पृथ्वी का पर्यावरण असंतुलित हो रहा है। वातावरण में ऑक्सीजन का स्तर घटते हुए कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ा रहा है। तापमान की यह वृद्धि न केवल जलवायु परिवर्तन को बढ़ा रही है, बल्कि जीवन के लिए खतरा भी बन रही है। इसी समस्या को समझते हुए श्यामल बेरा ने वृक्षारोपण को अपना जीवन-मंत्र बना लिया।

📌 माँ से मिली हरित प्रेरणा : श्यामल बेरा की हरित यात्रा तब शुरू हुई जब वे कक्षा सात में पढ़ते थे। उनकी माँ सरस्वती देवी ने स्थानीय मनसा मंदिर में उनसे एक बरगद और एक पीपल का पौधा लगवाया। वह पल उनके जीवन का मार्गदर्शक बन गया।

📌 वर्षों बाद जब चिकित्सकीय लापरवाही के कारण माँ का निधन हुआ, तो उन्होंने माँ की स्मृति को हरियाली से अमर करने का निश्चय किया।हर पेड़ बने जीवन का प्रतीक

📌 रेलकर्मी के रूप में कार्यरत श्यामल बेरा हर वर्ष बरसात के मौसम में वृक्षारोपण करते हैं। स्कूल, कॉलेज, मंदिर, श्मशान, नहर किनारे और स्टेशन परिसर- जहाँ भी स्थान मिले, वे पौधे लगाते हैं।

📌 बेरा घर पर ही छोटे पौधों को पालते हैं और बढ़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लगाते हैं। वे कहते हैं – “हर पौधा मेरी माँ की याद है। जब ये पेड़ बड़े होते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे माँ स्वयं मुझे आशीर्वाद दे रही हैं।”

📌 सामाजिक प्रेरणा बनते श्यामल बेरा : अब तक वे बरगद, पीपल, आम, कठहल, बकुल और देवदारू के पंद्रह हजार से अधिक वृक्ष लगा चुके हैं। उनका लक्ष्य है कि एक लाख वृक्षों तक यह अभियान पहुँचे। वे लोगों से अपील करते हैं – “पेड़ लगाना सिर्फ पर्यावरणीय कर्तव्य नहीं, बल्कि जीवन को बचाने का संकल्प है।”

📌 उनकी लगन से प्रेरित होकर अनेक युवा और सामाजिक संगठन अब पेड़ लगाने के मिशन से जुड़ रहे हैं। लाखों लोग उनकी इस हरित साधना को सलाम कर रहे हैं और उनके प्रयासों को सच्ची मातृ भक्ति का प्रतीक मानते हैं।

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च करफॉलो करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 × 2 =