तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। देश के प्रथम राष्ट्रपति और महान न्यायविद् डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती के पावन अवसर पर झाड़ग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर अंतर्गत छतिनाशोल में अत्यंत गरिमामय अधिवक्ता दिवस समारोह का आयोजन किया गया।
इस शुभ संध्या में कानूनी परिश्रम और न्याय के आलोकित मार्ग को समर्पित वकील समाज ने एकजुट होकर लोकतंत्र की धरोहर को नमन किया।
इस अवसर पर पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस के विधिक सेल की अध्यक्ष एवं राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य को उनके अद्वितीय योगदान और समर्पण के लिए विशेष सम्मान से नवाजा गया।

यह सम्मान पश्चिम मेदिनापुर जिला तृणमूल कांग्रेस विधिक सेल के अध्यक्ष गौतम मल्लिक तथा जंगलमहल के प्रख्यात वकीलों की एकजुटता और स्नेहिल भाव के साथ प्रदान किया गया।
मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा, “मुख्यमंत्री के दूरदर्शी एवं उत्कृष्ट नेतृत्व में पश्चिम बंगाल ने कानून के मंदिर को स्थायी किला बना लिया है। यहाँ की धरती पर सच्चे लोकतंत्र के पुष्प खिल रहे हैं, जिसकी जड़े न्याय और सत्य से गहराई से जुड़ी हैं।
वकीलों का कर्तव्य है कि वे इस मंदिर के संरक्षक बनें, और कानून के स्तम्भ को दृढ़ता से थामे रखें। न्याय की मशाल को उच्च स्तर पर लेकर जाएं ताकि अंधकार छंटे और प्रकाश बने।
“उनके शब्द न्याय के प्राचीर को मजबूत करने वाला दीपस्तंभ बने, जिसने उपस्थित सभी कानूनी विद्वानों और न्याय के पुरोधाओं के दिलों में प्रेरणा की अग्नि प्रज्वलित कर दी।
इस आयोजन ने न केवल वकीलों के प्रति सम्मान की भावना को जगाया, बल्कि उत्तरदायित्व की गहराई को भी उजागर किया कि किस प्रकार न्याय और कानून के प्रति अटल निष्ठा से ही समाज में शांति, समृद्धि और सशक्त लोकतंत्र की नींव रखी जा सकती है।
इस भव्य समारोह की छटा पर्यावरणीय सौंदर्य, कानूनी परिश्रम और लोकतांत्रिक मूल्य की अभिव्यक्ति बनकर उभरी, जिसने डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे अमर नेता की स्मृति को नया आयाम दिया तथा नए युग के अधिवक्ताओं को न्याय के आरोहण के लिए एक नयी राह दिखाई।
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