तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। झाड़ग्राम जिला अंतर्गत गोपीबल्लभपुर-1 के आलमपुर गांव में थैलेसेमिया से मुक्ति की ज्वाला के साथ पहला रक्तदान शिविर प्रज्वलित हुआ। विश्वजीत और सुनीता प्रधान की मानवीय पहल ने जीवनदान की अलख जगाई, जहां रक्त के अमृत से बंधे जीवन के सूत्र लिखे गए।
इस रक्तदान उत्सव में सात नारी शक्ति समेत कुल पच्चीस जीवन दाता रक्त की स्नेहधारा बहाते हुए, समाज में थैलेसेमिया के अंधकार को दूर करने का दीप जलाया।
शिविर के संदेश थे– “जात-पांत के मेले में नहीं, रक्त के सच्चे बंधन की जननी बनो” और “थैलेसेमिया मुक्त समाज की संकल्पधारा के लिए पहले HPCL टेस्ट कराओ।”

इस परंपरा के सहयोद्धा अनेक ज्ञानी और समाजसेवी जैसे विश्वजीत पाल, मुरलीधर बाग, तन्मय बक्शी, सुदीप कुमार खाँड़ा, सैकत अली शाह, किशोर कुमार रक्षित, दीपंकर माईती, उत्तम कुइला, समीर राउत,
नीलकमल जाना, कमल सिंह, उत्पल तालधि, अनिमेष सिंह, दीपक बाड़ी, अनुपमा मंडल, असिमा बासुरी सहित अनेक ने इस पवित्र यज्ञ में होम डाला। अनगिनत अन्य श्रद्धालु, इस मानवीय संदेश की सराहना में एक स्वर हुए।
झाड़ग्राम के आकाश में पहली बार इस प्रकार की रक्तदान किरण चमकी, और कक्षा सात के बालक अर्पित मंडल ने अपने सृजनशील हाथों से निर्मित रक्तदान पोस्टर से इस विराट संदेश को चित्रित किया। इस प्रकार प्रेम और उमंग के बीच थैलेसेमिया से मुक्ति का नया सवेरा जागृत हुआ।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



