कोलकाता हिन्दी न्यूज | 21 अगस्त 2026: तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक को लेकर कानूनी खींचतान के बीच अब घाटाल के सांसद और अभिनेता देव के निजी सहायक रामपद मन्ना को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।
घाटाल और दासपुर के विभिन्न इलाकों में देव की तस्वीर वाले पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनमें रामपद मन्ना पर कथित तौर पर भ्रष्टाचार और ‘कटमनी’ लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, इन पोस्टरों को किसने लगाया, यह अभी स्पष्ट नहीं है। वहीं, देव या उनके निजी सहायक की ओर से भी इस मामले पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
देव की तस्वीर के साथ लगाए गए पोस्टर
घाटाल-पांशकुड़ा राज्य सरकार के विभिन्न इलाकों में लगाए गए इन होर्डिंग में देव की तस्वीर प्रमुखता से दिखाई दे रही है। पोस्टर में रामपद मन्ना को लेकर ‘30 प्रतिशत कटमनी’, ‘प्रमोटर राज’, ‘घाटाल शिशु मेला में पैसों की लूट’ और नौकरी के नाम पर वसूली जैसे आरोप लगाए गए हैं।
पोस्टर में यह भी सवाल उठाया गया है कि “घाटाल मास्टर प्लान के चैंपियन सांसद के PA अब कहां हैं?”
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टर में लगाए गए आरोपों को लेकर देव और उनके आप्तसहायक की ओर से जवाब आना बाकी है।
पोस्टर को लेकर राजनीतिक घमासान
पोस्टर सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम मेदिनीपुर के तृणमूल नेता सौमित्र सिंह राय ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कई आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि सड़क के टेंडर वितरण, बालू सिंडिकेट और मिट्टी चोरी जैसे मामलों के पीछे कथित तौर पर कौन लोग हैं, यह भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या संबंधित लोग अब भाजपा में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं?
भाजपा ने भी साधा निशाना
दासपुर के भाजपा नेता प्रशांत बेरा ने इन पोस्टरों के बहाने सांसद देव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में संकट के समय सांसद लोगों के बीच नजर नहीं आ रहे हैं।
प्रशांत बेरा ने कहा कि बाढ़ की स्थिति के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इलाके का दौरा किया, लेकिन सांसद देव को क्षेत्र में नहीं देखा गया। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से स्थानीय लोगों में तृणमूल नेताओं को लेकर नाराजगी है।
रामपद मन्ना और देव की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विवादित पोस्टर और होर्डिंग किस संगठन या व्यक्ति की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है।
वहीं, पोस्टर में लगाए गए आरोपों पर देव के निजी सहायक रामपद मन्ना की प्रतिक्रिया का इंतजार है। सांसद देव की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ऐसे में पोस्टर विवाद आने वाले दिनों में घाटाल की राजनीति को और गरमा सकता है।
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