कोलकाता हिन्दी न्यूज | 17 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल सरकार ने गंगासागर मेले को ‘राष्ट्रीय मेला’ (National Fair) का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय को औपचारिक प्रस्ताव भेजा है।
इसके साथ ही केंद्र की PRASAD (Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual Augmentation Drive) योजना के तहत गंगासागर को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय से वित्तीय और संस्थागत सहयोग भी मांगा गया है।
राज्य सरकार का मानना है कि गंगासागर मेला देश के सबसे प्राचीन, विशाल और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक है।
हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में इसे राष्ट्रीय मेला घोषित करने से इसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी।
केंद्र से क्या मांग की गई है?
राज्य सरकार के प्रस्ताव में कहा गया है कि गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित किए जाने से इसकी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, दस्तावेजीकरण और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी परंपरा को पहुंचाना आसान होगा।
प्रस्ताव में केंद्र सरकार से निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग मांगा गया है—
- गंगासागर मेले का आधिकारिक दस्तावेजीकरण।
- लोक संस्कृति एवं पारंपरिक कलाओं का संरक्षण।
- सांस्कृतिक व्याख्या (Interpretation) केंद्र की स्थापना।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रदर्शनियों का आयोजन।
- गंगासागर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत के प्रचार-प्रसार के लिए आर्थिक एवं संस्थागत सहायता।
विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी
राज्य सरकार ने केंद्र के पर्यटन मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव में गंगासागर को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी रखी है। प्रस्तावित विकास कार्यों में शामिल हैं—
- आधुनिक तीर्थयात्री सुविधाओं का निर्माण।
- पर्यटकों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा।
- विरासत संरक्षण और सौंदर्यीकरण।
- पर्यावरण-अनुकूल विकास।
- स्मार्ट ट्रैफिक एवं भीड़ प्रबंधन प्रणाली।
- नदी तट का समग्र विकास।
- सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार।
राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का प्रस्ताव भी रखा है, जिसे लोक निर्माण विभाग (PWD) अन्य विभागों के साथ समन्वय कर तैयार करेगा। आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार के सहयोग से भी DPR तैयार की जाएगी।
गंगासागर को वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश
राज्य सरकार ने अपने पत्र में कहा है कि गंगासागर केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश का महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। यदि इसे राष्ट्रीय मेला का दर्जा और PRASAD योजना का समर्थन मिलता है, तो यहां पर्यटन, स्थानीय रोजगार, बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
सरकार ने केंद्र से दोनों प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया है, ताकि गंगासागर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



