तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। हर शहर की अपनी एक आवाज होती है। खड़गपुर की आवाज आज सिनेमा के पर्दे पर “खामोश दिशाएँ” बनकर गूंज रही है। जंगल महल के खड़गपुर से निकलकर चकाचौंध तक पहुंचने वाली अभिनेत्री पलक की यह नई शॉर्ट फिल्म सिर्फ एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक अनुभव है – संघर्ष, साहस और नई शुरुआत का।
बड़े सपनों को आंखों में बसाए खड़गपुर से मुंबई पहुंची पलक ने आसान रास्ता नहीं चुना। टेलीविजन इंडस्ट्री में जगह बनाना, खुद को साबित करना और हर किरदार में सच्चाई भरना – यह सब उनके सफर का हिस्सा रहा है। “क्राइम पेट्रोल”, “सावधान इंडिया”, “चिड़ियाघर”, “डॉ. गंगाराम” और “ससुराल सिमर का” जैसे चर्चित कार्यक्रमों में काम कर उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई।
अब ज्योति फिल्म्स के बैनर तले बनी शॉर्ट फिल्म “खामोश दिशाएँ” के साथ पलक ने अपने अभिनय को एक नई दिशा दी है- इस बार असम की धरती से। यह फिल्म आज के डिजिटल दौर की उस सच्चाई को सामने लाती है, जहां एक क्लिक किसी की दुनिया बदल सकता है। कहानी दर्द दिखाती है, टूटन दिखाती है, लेकिन वहीं से उम्मीद का रास्ता भी निकालती है।

फिल्म का संगीत 11 जनवरी 2026 को रिलीज हो चुका है और इसका टाइटल ट्रैक यूट्यूब पर दर्शकों के दिलों में जगह बना रहा है। सधे हुए बोल और भावनात्मक धुन फिल्म की आत्मा को और मजबूत करते हैं।
पलक का सफर यहीं ठहरने वाला नहीं।
जल्द ही वह एक वेब सीरीज में नजर आएंगी। इसके अलावा ज्योति फिल्म्स के साथ उनकी दो फीचर फिल्मों की तैयारी है। एक क्राइम थ्रिलर, दूसरी हॉरर। हर नया प्रोजेक्ट उनके आत्मविश्वास और चयन की परिपक्वता को दर्शाता है।
खड़गपुर से मुंबई, दिल्ली और अब असम तक, यह सफर दूरी का नहीं, दृष्टि का है। पलक उन कलाकारों में हैं जो सिर्फ किरदार नहीं निभाते, बल्कि कहानी को महसूस कराते हैं।
“खामोश दिशाएँ” उसी एहसास का नाम है। एक ऐसी फिल्म, जो बोले बिना बहुत कुछ कह जाती है और शायद इसी खामोशी में खड़गपुर की सबसे बुलंद आवाज छुपी है।
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