नयी दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) और के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता नौ वर्ष के अंतराल के बाद फिर शुरू हो गयी है। ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ (ईयू) के मुख्यालय में आयोजित एक संयुक्त कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योगमंत्री पीयूष गोयल और यूरोपीय संघ के कार्यकारी उपाध्यक्ष वाल्डिस डोम्ब्रोव्स्की ने एफटीए के अलावा निवेश संरक्षण (आईपीए) और व्यापार में विशिष्ट भौगोलिक पहचान वाली वस्तुओं के बारे में भौगोलिक संकेतक (जीआई) को लेकर समझोतों की वार्ता की औपचारिक शुरुआत की। यह जानकारी वाणिज्य मंत्रालय द्वारा शनिवारा को जारी एक विज्ञप्ति में दी गयी।

विज्ञप्ति के अनुसार तीनों समझौतों के लिए पहले दौर की वार्ता 27 जून से 1 जुलाई तक नई दिल्ली में होगी।दोनों पक्ष समानांतर तौर पर तीनों समझौतों पर बातचीत करने और उन्हें एक साथ समाप्त करने का लक्ष्य बना रहे हैं। पिछले साल, 08 मई को पोर्टो में आयोजित भारत और यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक में, एक संतुलित, महत्वाकांक्षी, व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभप्रद मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत फिर से शुरू करने और आईपीए पर नए सिरे से बातचीत शुरू करने और जीआई पर एक अलग समझौता-वार्ता के लिए एक सहमति बनी थी।

भारत-ईयू व्यापार वार्ता लगभग नौ साल के अंतराल के बाद फिर शुरू हुई है। दोनों पक्षों के बीच 2013 में बातचीत में समझौते की सीमाओं और अपेक्षाओं को लेकर अंतर होने के कारण वार्ता छोड़ दी गयी थी।अप्रैल 2022 में यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की दिल्ली यात्रा और प्रधानमंत्री रेन्द्र मोदी की हाल की यूरोप यात्रा ने मुक्त व्यापार समझौता वार्ता को गति दी और वार्ता के लिए एक स्पष्ट रोडमैप को निर्धारित करने में मदद की। यूरोपीय संघ अमेरिका के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

भारत-यूरोपीय संघ के व्यापारिक कारोबार ने 2021-22 में 43.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 116.36 अरब डालर मूल्य का व्यापार हुआ था जो अब तक सबसे ऊंचा आंकड़ा है।इस अवधि में यूरोपीय संघ को भारत का निर्यात 57 प्रतिशत बढ़कर 65 अरब हो गया।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का कहना है कि दोनों पक्ष विश्व के दो प्रमुख खुले बाजार हैं और उनके बीच व्यापार समझौता आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने और सुरक्षित करने, हमारे व्यवसायों के लिए आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने और लोगों को महत्वपूर्ण लाभ लाने में मदद करेगा।

बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष निष्पक्षता और पारस्परिकता के सिद्धांतों के आधार पर व्यापार वार्ता को विस्तृत,संतुलित और व्यापक बनाने का लक्ष्य तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा इसके माध्यम से ऐसे मुद्दों को हल करने पर भी चर्चा होगी जो द्विपक्षीय व्यापार में बाधक बन रहे हैं। भारत ने इस वर्ष के प्रारंभ में बहुत कम समय में ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ मुक्त व्यापार समझौता संपन्न किया है। कनाडा और ब्रिटेन के साथ भी मुक्त व्यापार समझौता वार्ता चल रही है।

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