कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी को लगातार झटके लग रहे हैं। चुनाव के बाद पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की भगदड़ मची है। बीरभूम जिले में नानूर के पूर्व विधायक गदाधर हाजरा तीन साल पहले तृणमूल कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। अब फिर से घर वापसी की है और टीएमसी में शामिल हो गए। बीरभूम में आयोजित कार्यक्रम में गदाधर हाजरा फिर से टीएमसी (TMC) में शामिल हुए बीजेपी पर जमकर हमला बोला। कुछ दिन पहले ही बीरभूम के नेता दूध मंडल ने जिला कमेटी के गठन में उनकी राय नहीं लेने पर फेसबुक में खुलेआम पार्टी की आलोचना की थी।

हाल ही में बीरभूम जिला तृणमूल अध्यक्ष अनुब्रत मंडल के निर्देशन में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन शुरू हुआ है। नानूर के किरनाहर-2 इलाके में शनिवार को कार्यकर्ताओं का सम्मेलन हुआ। वहीं नानूर से तृणमूल के पूर्व विधायक गदाधर तृणमूल में शामिल हुए। बता दें कि गदाधर हाजरा साल 2019 में मुकुल रॉय का हाथ थामकर दिल्ली गए थे और  बीजेपी में शामिल हो गए थे। इस बार उन्होंने पुरानी पार्टी में लौटकर बीजेपी पर हमला बोला है।

गदाधर ने कहा, “दिलीप घोष की बात सुनकर मैं सोने की तलाश में बीजेपी में गया था लेकिन मुझे वहां सोना नहीं मिला। दिल्ली के लड्डू के लालच में कुछ लोग उन्हें दिल्ली ले गए थे। वो भी नहीं मिला। इसलिए मैं वापस टीएमसी में आ गया हूं।” बता दें कि गदाधर हाजरा के भाजपा छोड़ने से कुछ समय पहले, फनीरंजन रॉय ने भाजपा की बीरभूम जिला समिति के विशेष आमंत्रित के पद से इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि हालांकि उन्होंने पंचायत चुनाव के दौरान पार्टी के लिए लड़ाई लड़ी थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद उनके घर पर हमला किया गया, लेकिन पार्टी नेतृत्व को इस बारे में बार-बार बताया गया लेकिन उनकी बात नहीं सुनी।” 34 साल के वाम शासन का खात्मा कर साल 2011 में राज्य में तृणमूल कांग्रेस सत्ता में आई थी। उस समय नानूर की सीट से गजाधर हाजरा टीएमसी के विधायक बने थे, लेकिन साल 2016 में वह चुनाव हार गये थे। उसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद मुकुल रॉय के साथ वह दिल्ली में बीजेपी में शामिल हो गए थे।

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