खड़गपुर। झाड़ग्राम जिले के नयाग्राम ब्लॉक के वन अधिकार ग्राम सभा मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने दो मुख्य मांगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए नयाग्राम के बीडीओ को ज्ञापन सौंपा। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत गठित ग्राम परिषदों से बने इस आंदोलन ने झाड़ग्राम जिले के नयाग्राम और बीनपुर-2 ब्लॉकों के 20 से अधिक आदिवासी गांवों में जागरूकता फैलाई और 15 ग्राम परिषदों की ओर से व्यक्तिगत और सामूहिक मांग याचिकाएं प्रस्तुत की।
यद्यपि इन मांगों की प्रतियां जिला एवं स्थानीय प्रशासन के विभिन्न कार्यालयों को भेजी गईं, परंतु 2020 से लेकर आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कई बार लिखित शिकायत व आवेदन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। यहां तक कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत पूछे जाने पर भी कहा गया कि “सूचना का सत्यापन चल रहा है”, लेकिन हकीकत में इसका कोई सबूत नहीं दिखा।
मोर्चे ने दो मुख्य मांगें रखी हैं – पहली, 2020 से 2024 तक प्रस्तुत सभी मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए तथा पावती पत्र जारी किए जाएं। दूसरा, प्रत्येक ग्राम सभा को उठाए गए कदमों के बारे में एक निश्चित समय पर सूचित किया जाना चाहिए। जंगल महल में कई आदिवासी परिवार आवास योजनाओं, कृषि सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। सामाजिक कार्यकर्ता झरना आचार्य ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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