नई दिल्ली। नेल्सन मंडेला स्वतंत्रता और सामंजस्य के एक सार्वभौमिक प्रतीक हैं। मानवीय भावना की विजय का प्रतीक, अपने जीवनकाल में उन्होंने न केवल अफ़्रीकी लोगों के संघर्ष के लिए खुद को समर्पित किया, बल्कि अपनी विनम्रता और क्षमाशीलता से उन्होंने दुनिया भर के लोगों के दिलों पर कब्ज़ा किया और उन्हें प्रेरित किया।
उन्हीं के याद में 18 जुलाई को यूनाइटेड वर्ल्ड पीस काउंसिल ने वर्चुअल सेमिनार विश्व शांति व सामाजिक न्याय के लिए आयोजित किया था। जिसमें प्रसिद्ध चिंतक, झुग्गी बस्तियों में रोशनी लाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले योद्धा डॉ. विक्रम चौरसिया को नेल्सन मंडेला नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया।
ज्ञातव्य हो कि अपने स्कूल समय से ही अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने व मानवता व राष्ट्र सर्वोपरि के विचार को लेकर न्याय के लिए लड़ने वाले डॉ. विक्रम चौरसिया देश ही नहीं विदेशों से भी सम्मानित हो चुके हैं। बहुत से सामाजिक आंदोलनों का नेतृत्व सफलता पूर्वक किए है, इसीलिए भी इनको लोगों ने बेजुबानों का जुबान बोला।
न्याय के लिए हमेशा लड़ने वाले अंतराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना देश के लिए गर्व की बात है। बाते करते हुए विक्रम चौरसिया बोले कि नेल्सन मंडेला के जीवन से हमें दृढ़ता, क्षमा और न्याय के लिए लड़ने का संदेश मिलता है।
उनका जीवन हमें सिखाता है कि एक व्यक्ति भी बदलाव ला सकता है और हमें हमेशा अपने आदर्शों के लिए खड़े रहना चाहिए, भले ही रास्ते में कितनी भी चुनौतियाँ क्यों न आएं। उन्होंने यह भी बताया कि क्षमा और सहानुभूति, उपचार और मेल-मिलाप ही शक्तिशाली साधन हैं।
उल्लेखनीय है कि डॉ. विक्रम चौरसिया कोलकाता हिंदी न्यूज डॉट कॉम में नियमित तौर पर वैचारिक कॉलम में अपनी सोशल गतिविधियों को तथा अपने विचारों को प्रकट करते रहते हैं। कोलकाता हिंदी न्यूज परिवार उनकी इस उपलब्धि पर बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता है।

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