कोलकाता, 18 दिसंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दौरान सामने आई गंभीर गड़बड़ियों के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने उन तीन Electoral Registration Officers (EROs) को शो-कॉज़ नोटिस जारी किए हैं, जिनके क्षेत्रों में कई जीवित मतदाताओं को गलत तरीके से ‘मृत’ घोषित कर दिया गया था।
चुनाव आयोग के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि कुछ मामलों में बिना समुचित सत्यापन के मतदाताओं के नाम मृतक सूची में डाल दिए गए, जिससे उनकी वोटिंग पात्रता प्रभावित हुई। इस चूक को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए आयोग ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल ERO ही नहीं, बल्कि जिन Booth Level Officers (BLOs) की जिम्मेदारी क्षेत्रीय सत्यापन की थी, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा गया है।

आयोग का सख्त संदेश
चुनाव आयोग ने दो टूक कहा है कि मतदाता सूची की शुद्धता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। आयोग के अनुसार, ड्राफ्ट सूची के दौरान सामने आई ऐसी त्रुटियां लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में हलचल
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल पहले से ही SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं और अब ‘जीवित मतदाताओं को मृत दिखाने’ के मामलों को प्रणालीगत गड़बड़ी का उदाहरण बता रहे हैं।
चुनाव आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी मतदाता को अपने नाम या स्थिति में गड़बड़ी दिखे, तो वह तय समयसीमा के भीतर दावा-आपत्ति प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराए।
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