कोलकाता हिन्दी न्यूज | 19 अगस्त 2026: भारत में कई युवा महिलाएं बिना जांच के सालों तक पीरियड्स के तेज दर्द के साथ जीने को मजबूर हैं। पीरियड्स में दर्द होना अक्सर सामान्य माना जाता है और महिलाएं सिर्फ पेनकिलर लेकर काम चलाती रहती हैं।
लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि तेज, गंभीर या परेशान करने वाला दर्द नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह एंडोमेट्रियोसिस का शुरुआती संकेत हो सकता है।
आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, कोलकाता की गायनेकोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. सुदेशना साहा ने इस मुद्दे पर विस्तार से जानकारी दी।
क्या है एंडोमेट्रियोसिस?
एंडोमेट्रियोसिस एक लंबे समय तक चलने वाली गाइनेकोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें यूट्रस की लाइनिंग जैसा टिशू यूट्रस के बाहर बढ़ने लगता है। इससे सूजन, तेज दर्द और फर्टिलिटी की समस्याएं हो सकती हैं।
रिसर्च के अनुसार दुनिया भर में प्रजनन उम्र की लगभग 247 मिलियन महिलाओं में यह समस्या है, जिसमें भारत की 42 मिलियन महिलाएं शामिल हैं। इतने बड़े आंकड़े के बावजूद भारत में जागरूकता बहुत कम है।
डॉ. सुदेशना साहा का कहना
डॉ. साहा ने बताया: “सबसे बड़ी गलतफहमियों में से एक यह है कि पीरियड्स का दर्द ऐसी चीज है जिसे हर महिला को सहना ही पड़ता है। असल में जब दर्द बहुत ज्यादा होता है, हर साइकिल में बार-बार होता है या धीरे-धीरे गंभीर होता जाता है, तो इसकी सही जांच होनी चाहिए।”
जल्दी पहचान से महिलाएं इलाज, फर्टिलिटी और लंबे समय की सेहत के बारे में सोच-समझकर फैसले ले सकती हैं।
मुख्य कारण और रिस्क फैक्टर
- रेट्रोग्रेड मेंस्ट्रुएशन (खून का पेल्विक एरिया में वापस जाना)
- जेनेटिक कारण (मां या बहन को होने पर खतरा ज्यादा)
- हार्मोनल फैक्टर्स (लंबे समय तक एस्ट्रोजन का प्रभाव)
- इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी
- देर से शादी या देर से प्रेग्नेंसी
किन्हें जांच करवानी चाहिए?
- पीरियड्स के दर्द से काम, पढ़ाई या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही हो
- बार-बार दर्द निवारक दवाओं का सहारा लेना पड़ रहा हो
- दर्द साल दर साल बढ़ रहा हो
- सेक्स, मल त्याग या पेशाब के दौरान दर्द हो
- अत्यधिक या अनियमित ब्लीडिंग, लगातार पेल्विक दर्द
- गर्भधारण में दिक्कत हो रही हो
सावधानियां
- दर्द को सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें
- लक्षणों की डायरी रखें
- सिर्फ पेनकिलर पर निर्भर न रहें, डॉक्टर से सलाह लें
- गर्भधारण की योजना बना रही हैं तो जल्द जांच करवाएं
एंडोमेट्रियोसिस का इलाज दवाएं, हार्मोनल थेरेपी, दर्द नियंत्रण और जरूरत पड़ने पर सर्जरी से संभव है। जल्दी पता चलने पर इसे बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है।
निष्कर्ष: पीरियड्स का तेज या बढ़ता दर्द सामान्य नहीं है। इसे नजरअंदाज करने के बजाय गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लें। जल्दी जांच से दर्द नियंत्रण, बेहतर फर्टिलिटी और लंबे समय की सेहत सुनिश्चित की जा सकती है।
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