ड्राइवरों की कमाई 25% तक बढ़ा सकती हैं इलेक्ट्रिक मालवाहक गाड़ियां!

ड्राइवरों की कमाई 25% तक बढ़ा सकती हैं इलेक्ट्रिक मालवाहक गाड़ियां!

निशान्त, Climate कहानी, कोलकाता: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की चर्चा अक्सर पेट्रोल-डीजल की बचत, प्रदूषण कम करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने तक सीमित रहती है। लेकिन अगर कोई कहे कि इलेक्ट्रिक मालवाहक गाड़ियां ड्राइवरों की कमाई भी बढ़ा सकती हैं, तो शायद पहली बार में यकीन करना मुश्किल हो।

नई रिपोर्ट कहती है कि ऐसा संभव है। Smart Freight Centre ने नई दिल्ली में India Zero Emission Freight Alliance (India ZEFA) की शुरुआत की है।

इसके साथ ही Shell Foundation के सहयोग से तैयार एक नई रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें भारत के 11 राज्यों के 1,500 से अधिक मालवाहक वाहन चालकों के अनुभवों का विश्लेषण किया गया है।


आय में कितनी बढ़ोतरी?

रिपोर्ट के मुताबिक सही वित्तीय मॉडल और बेहतर परिचालन व्यवस्था मिलने पर इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन चलाने वाले ड्राइवरों की आय पारंपरिक वाहनों की तुलना में बढ़ सकती है।

  • कई ड्राइवरों की आय में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
  • तीन पहिया इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन चलाने वाले ड्राइवरों की मासिक आय में 4,000 से 8,000 रुपये तक की बढ़ोतरी।
  • चार पहिया इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन चलाने वाले ड्राइवर औसतन करीब 4,000 रुपये प्रति माह अधिक कमाने लगे।
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हालांकि हर ड्राइवर को एक जैसा लाभ नहीं मिलता। आय वाहन के उपयोग, कारोबारी मॉडल और वित्तीय सुविधा पर निर्भर करती है।

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सबसे बड़ी चुनौती: EMI

इलेक्ट्रिक वाहनों का सबसे बड़ा फायदा कम परिचालन और रखरखाव खर्च में है। लेकिन कई ड्राइवरों के लिए वाहन खरीदने का कर्ज़ सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई मामलों में हर महीने की EMI इतनी अधिक होती है कि बचत का बड़ा हिस्सा उसी में चला जाता है।

रिपोर्ट लीज़-टू-ओन मॉडल, प्लेटफ़ॉर्म आधारित लीज़िंग, बैटरी लीज़िंग, ब्लेंडेड फाइनेंस और कम ब्याज वाले ऋण जैसे विकल्प सुझाती है।


India ZEFA क्या है?

India Zero Emission Freight Alliance (India ZEFA) एक राष्ट्रीय मंच है, जिसमें सरकार, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, वाहन निर्माता, ऊर्जा कंपनियां, चार्जिंग सेवा प्रदाता, वित्तीय संस्थान और विकास साझेदार शामिल हैं। इसका उद्देश्य शून्य-उत्सर्जन माल परिवहन को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में DPIIT के अतिरिक्त सचिव अतीश कुमार सिंह, नीदरलैंड्स के उप राजदूत और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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ड्राइवरों की कमाई 25% तक बढ़ा सकती हैं इलेक्ट्रिक मालवाहक गाड़ियां!


निष्कर्ष: रिपोर्ट का संदेश साफ़ है कि अगर जलवायु के लिए किए जा रहे बदलाव लोगों की आय और जीवन को भी बेहतर बनाएं, तभी यह बदलाव लंबे समय तक टिकाऊ साबित होगा। इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन सिर्फ पर्यावरण के लिए नहीं, ड्राइवरों की आजीविका सुधारने का भी अवसर बन सकते हैं।

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“निशांत जी जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर रिपोर्टिंग करते हैं। देश दुनिया में पर्यावरणीय मुद्दों, प्रदूषण, वन संरक्षण और जलवायु प्रभाव की ग्राउंड रिपोर्टिंग में विशेष रुचि रखते हैं।”

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