खड़गपुर। पूर्व मेदिनीपुर जिले के हल्दिया विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। त्रिकोणीय मुकाबले के बीच आज सभी प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान को धार देते हुए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की। अब नजर इस बात पर टिकी है कि मतदाता किसे प्राथमिकता देते हैं – नए चेहरे को या पहले से आजमाए हुए नेतृत्व को।
उम्मीदवारों का प्रचार अभियान : तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार तापसी मंडल ने होड़खालि क्षेत्र में सुबह मशाल जुलूस निकालकर प्रचार की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से संपर्क साधा और विकास व रोजगार के मुद्दों पर समर्थन मांगा।
भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रदीप विजली ने अलग-अलग वार्डों में जनसंपर्क अभियान चलाया। उन्होंने सुखांतनगर में पार्टी कार्यालय का उद्घाटन भी किया और क्षेत्र के विकास व सुशासन को लेकर अपनी बात रखी।
वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के उम्मीदवार अशोक पात्र ने भी विभिन्न इलाकों में घर-घर जाकर प्रचार किया और शाम को जुलूस के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति और वैकल्पिक राजनीति के मुद्दों को उठाया।
त्रिकोणीय मुकाबले में रणनीति : तीनों प्रमुख दलों के उम्मीदवार अपने-अपने मुद्दों और रणनीति के साथ मैदान में हैं। जहां एक ओर सत्तारूढ़ दल विकास कार्यों को प्रमुखता दे रहा है, वहीं अन्य दल शासन, पारदर्शिता और वैकल्पिक नेतृत्व को मुद्दा बना रहे हैं।
पृष्ठभूमि और अहम सवाल : हल्दिया विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और यहां का राजनीतिक समीकरण लगातार बदलता रहा है। मौजूदा उम्मीदवार तापसी मंडल का राजनीतिक सफर भी चर्चा में है, क्योंकि वे अलग-अलग चुनावों में विभिन्न दलों का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मतदाता अनुभव को तरजीह देंगे या बदलाव के पक्ष में फैसला करेंगे। चुनाव परिणाम ही यह स्पष्ट करेगा कि जनता किस दिशा में अपना रुख करती है।
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