कोलकाता | 20 नवंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारी इसके लिए जवाबदेह होंगे।
🔑 चुनाव आयोग का बयान
- आयोग ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- किसी भी स्तर पर हुई गलती या अनियमितता के लिए जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
- आयोग ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है कि BLOs और सुपरवाइजिंग अधिकारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण और सहयोग दिया जाए।
इस बीच चुनाव आयोग की एक टीम आज नदिया और मुर्शिदाबाद जिलों का दौरा कर रही है। टीम जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर SIR प्रक्रिया की प्रगति का जायजा लेगी और फील्ड स्तर पर हो रहे कार्यों की हकीकत परखेगी।
🚨 पृष्ठभूमि
- SIR प्रक्रिया के दौरान अब तक कई BLOs की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिससे विवाद गहरा गया है।
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे “अमानवीय दबाव” बताया और आयोग की आलोचना की।
- विपक्षी दलों ने भी इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है।
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक कई जिलों से शिकायतें मिली थीं कि मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं या वैध मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने पूरे राज्य में निगरानी बढ़ा दी है।

⚖️ महत्व
- चुनाव आयोग का यह बयान स्पष्ट करता है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नींव है।
- पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है।
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