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राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना की अटल – महामना राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश भर के शिक्षाविद हुए सम्मिलित

अटल जी वैश्विक हिन्दी के सबसे बड़े दूत हैं – डॉ. डॉ कर्नावट

उज्जैन। आज हम इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के दो महामानवों अटल जी और मदन मोहन मालवीय जी को याद कर रहे हैं। अटल जी संयुक्त राष्ट्र में अपनी भाषा में बोलते हैं और अटल जी वैश्विक हिन्दी के सबसे बड़े दूत हैं। अपने क्षेत्र के लिए,भाषा के लिए हमें भी कुछ करना होगा और आत्मनिरीक्षण कर भाषा की समृद्धि के लिए आगे आए तभी अटल जी का स्मरण सार्थक होगा।

ये विचार राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना की पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटलबिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी जयंती एवं भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय जी के 164वें जन्म दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में रविन्द्रनाथ टैगोर विवि भोपाल के अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी केंद्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्नावट ने विशिष्ट अतिथि के रूप में व्यक्त किए।

उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ की प्रधान संपादक डॉ. अनिता दुबे ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि ज्ञान ही नहीं परिवेश भी महत्वपूर्ण होता है और आज हमें परिवेश के अंतर्गत हिन्दी के प्रति बच्चों को आकृष्ट करना और चुनौतियों से लड़ना सिखाना होगा।

मुख्य वक्ता पूर्व आईएएस और साहित्यकार डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने अटल जी के सुशासन की तारीफ करते हुए कहा कि राजा को प्रजा के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। संगोष्ठी में शिक्षाविद हरेराम वाजपेयी ने कहा कि महामना मदन मोहन जी मालवा के थे और इसीलिए उनका नाम मदन मोहन मालवीय हुआ।

अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए डॉ. ब्रजकिशोर शर्मा ने कहा कि अटल जी वस्तुतः संवेदनशील साहित्यकार थे। संगोष्ठी को शिक्षाविद वरुण गुप्ता, डॉ. राजेन्द्र पाल, निर्मल कुमार मेहता ने भी संबोधित किया।

बीज वक्तव्य राष्ट्रीय संयोजक पदमचंद गांधी भोपाल और स्वागत भाषण आयोजन समिति अध्यक्ष डॉ. प्रभु चौधरी ने दिया। अतिथियों ने राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के संचेतना समाचार पत्र और डॉ. मनीष दवे की पुस्तक सुप्रज्ञ कृति का विमोचन किया।

राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना उज्जैन के 43वें राष्ट्रीय संचेतना महोत्सव में संस्था के प्रमुख संस्थापक सदस्य ब्रजकिशोर शर्मा, हरेराम बाजपेई, संजय जोहरी, डॉ. प्रभु चौधरी, शीला व्यास, डॉ. पुष्पा चौरसिया का विशिष्ट सम्मान अतिथियों ने किया।

समारोह में विशिष्ट प्रतिभा सम्मान से देवेन्द्र चौधरी को कक्षा 12वीं बोर्ड विज्ञान संकाय परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त होने पर राष्ट्रीय देव चेतना महासंघ के सहयोग से अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में देश के चयनित साहित्यकारों को अतिथि प. रमण त्रिवेदी, बृजकिशोर शर्मा, हरेराम बाजपेई, डॉ. अनसूया अग्रवाल, माया मेहता द्वारा अटल महामना साहित्य सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।

हरेराम वाजपेयी इन्दौर, डॉ. अनसूया अग्रवाल महासमुंद, डॉ. शिवा लोहारिया जयपुर, डॉ. अशोक कुमार भार्गव आईएएस भोपाल, डॉ. अमिता दुबे लखनऊ, दिनेश दवे इन्दौर, रेवती आलवे मुम्बई, राजेन्द्र पाल इन्दौर, अशोक दुबे उज्जैन, माया मेहता मुम्बई, कमलनाथ योगी बडनगर, नीलम रानी सक्सैना रामपुर, निर्मल कुमार मेहता मुम्बई,

विक्रमसिंह चौधरी देवास, डॉ. अरूणा सराफ इंदौर, डॉ. हरीश कुमार सिंह, मानसिंह चौधरी नरवर, पदमचंद गांधी भोपाल, सुंदरलाल मालवीय उज्जैन, प्रियंका गौड़ उज्जैन, अरविन्द जैन, अंजना जैन उज्जैन, रंजना पांचाल, ऋचा तिवारी देवास, श्यामलाल चौधरी उज्जैन, चन्द्रशेखर जोशी उज्जैन, डॉ. नूतन कुमारी सिन्हा पटना, डॉ. मनीष दवे इन्दौर,

यशोदा वैष्णव रायपुर, विजय जैन उज्जैन, खुशबु सिंह रायपुर, चन्द्र सिंह परमार शुजालपुर, रमेशचन्द्र शर्मा इन्दौर, डॉ. चंदर सोनाने, डॉ. यास्मीन खान भोपाल, डॉ. दक्षा जोशी अहमदाबाद, मेहरबान सिंह चौहान, जितेंद्र चौधरी, आयशा खान, रघुवीर सिंह सिंहा, विजय जैन आदि सम्मिलित थे।

आरम्भ में अटल जी और महामना के चित्र पर माल्यार्पण कर संगोष्ठी का शुभारम्भ हुआ। अतिथि स्वागत डॉ. प्रभु चौधरी, डॉ. शिवा लोहारिया, अंजना जैन ने किया। संचालन डॉ. हरीश कुमार सिंह ने किया और आभार सुन्दरलाल मालवीय ने माना।IMG 20251226 WA0022

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