“शिक्षा के साथ ही संस्कार जरूरी है”

खड़गपुर : कहा जाता है कि शिक्षा जीवन का उपहार है और संस्कार जीवन का सार या फिर यूं कहें कि शिक्षा व संस्कार दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं यानी एक के बिना दूसरा अधूरा है। अगर किसी ने बहुत शिक्षा हासिल किया और शिक्षा के बल पर उसने देश-दुनिया में काफी नाम भी कमाया लेकिन अगर उसमें संस्कारों की कमी है तो फिर वह शिक्षा किसी काम की नहीं! वर्तमान समय में यह महसूस किया जा रहा है कि जैसे-जैसे शिक्षित नागरिकों का प्रतिशत बढ़ रहा है, वैसे-वैसे समाज के संस्कारों में गिरावट आ रही है।

हमें संस्कारों का सौंदर्य बोध होना चाहिए और बच्चे को भी इसकी जानकारी देनी चाहिए ये मानना है खड़गपुर के समाजसेवी संगठन और लघु गुरुकुल के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता का इसी को लक्ष्य बनाकर नशा मुक्त समाज बनाने को लेकर एक पहल लेकर चले हैं। पिछले 7 सालो से बच्चो के बीच शिक्षा और संस्कार के साथ पाठ्य सामग्री का वितरण भी कर रहे हैं और लगभग 7000 से ज्यादा बच्चे लाभवंतित हुए हैं।

नगर में कल विषेश कार्यक्रम सूची में एक और अध्याय जुड़ा 16 वा लघु गुरुकुल शिक्षा संस्कार केंद्र खुला स्थान मालंचा सुपर मार्केट के पीछे रेलवे बस्ती के बीच मुख्य रूप से उपस्थिति रहे स्वयं सेवादल से के. हरदीप सिंह, ज्योति कुमारी, निशु कुमारी, अभिषेक गुप्ता, लखन प्रसाद, विजय प्रताप, अभय कुमार आदि।

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