कोलकाता।  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब गौ तस्करी मामले में पश्चिम बंगाल से दो आईपीएस अधिकारियों को तलब किया है। ईडी के सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) ज्ञानवंत सिंह और कोलकाता पुलिस के साउथ डिवीजन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आकाश मघरिया को कथित तौर पर ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। आईपीएस ज्ञानवंत सिंह को 26 सितंबर और आकाश मघरिया को 28 सितंबर को बुलाया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी ईडी ने ज्ञानवंत सिंह को बुलाया था पर वे नहीं गए थे। इधर पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में कोयला तस्करी के अलावा गौ तस्करी का पता लगाया गया।

गौ तस्करी का जाल बहुत बड़ा है। दोनों अधिकारियों ने पहले उस क्षेत्र में पदों पर कार्य किया था। ईडी अब जानना चाहती है कि उन्हें गौ तस्करी के बारे में पता था या नहीं। ईडी इस मामले में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले चुकी है। सूत्रों के मुताबिक बंगाल के कुल 8 आईपीएस अधिकारियों को कोयला तस्करी मामले में दिल्ली में ईडी मुख्यालय बुलाया गया था। इस सूची में राजीव मिश्रा, सुकेश जैन, ज्ञानवंत सिंह, श्याम सिंह, कोटेश्वर राव, एस. सेल्वमुर्गन, तथागत बोस शामिल हैं।

ईडी अधिकारियों ने ज्ञानवंत सिंह से कई बार पूछताछ की। उनसे दो बार दिल्ली और एक बार कोलकाता में पूछताछ की गई। ईडी ने उनका बयान दर्ज किया। इस बार गौ तस्करी के मामले में ज्ञानवंत सिंह को भी तलब किया गया था। आकाश मघरिया डीसी साउथ के पद पर नियुक्त होने से पहले लंबे समय तक पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। हालांकि, इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि ज्ञानवंत सिंह और आकाश मघरिया को राजनीतिक कारणों से तलब किया गया है।

गौरतलब है कि 13 सितंबर को भाजपा के नवान्न अभियान से पहले बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी को हिरासत में लिया गया था। उस समय आकाश मघरिया वहां मौजूद थे। सुवेंदु ने तब आरोप लगाया था कि आकाश मघरिया ने ज्ञानवंत सिंह के आदेश पर उन्हें हिरासत में लिया था। इतना ही नहीं सुवेंदु अधिकारी इससे पहले भी कई बार आकाश मघरिया को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर चुके हैं।

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