कोलकाता, 25 अगस्त 2025 : पश्चिम बंगाल में बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक जीवन कृष्ण साहा को उनके मुर्शिदाबाद स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। साहा पर स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियों में अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।
🏠 कैसे हुई गिरफ्तारी?
ED की टीम जब सुबह-सुबह साहा के घर छापेमारी करने पहुंची, तो विधायक ने दीवार कूदकर भागने की कोशिश की। अधिकारियों ने उन्हें पास के खेत से दौड़ाकर पकड़ा। इस दौरान उन्होंने अपने मोबाइल फोन तालाब में फेंककर सबूत नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन ED ने दोनों मोबाइल बरामद कर लिए।
पीटीआई के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि जैसे ही विधायक ने भागने की कोशिश की। इस दौरान विधायक का पीछा किया गया और हमारे अधिकारियों ने उन्हें पास के इलाके में पकड़ लिया। अब हमारे अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं।
📚 क्या है पूरा मामला?
- शिक्षक भर्ती घोटाले में समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों, कक्षा 9 से 12 तक के सहायक शिक्षकों और प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियों में गड़बड़ी सामने आई थी
- कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI और ED ने जांच शुरू की
- साहा को पहले भी अप्रैल 2023 में CBI ने गिरफ्तार किया था, बाद में उन्हें जमानत मिली थी
🧾 ED की कार्रवाई
- साहा के मुर्शिदाबाद, रघुनाथगंज और बिरभूम स्थित ठिकानों पर छापेमारी
- उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों से पूछताछ
- अब तक इस मामले में ED ने चार आरोपपत्र दाखिल किए हैं
- इससे पहले पार्थ चटर्जी, अर्पिता मुखर्जी और माणिक भट्टाचार्य जैसे बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है
CBI ने किया था गिरफ्तार
गौरतलब है कि सीबीआई ने कथित स्कूल भर्ती घोटाले के सिलसिले में अप्रैल 2023 में टीएमसी विधायक जीवन कृष्ण साहा को गिरफ्तार किया था। इसी साल मई में उन्हें जमानत मिली थी। ध्यान देने वाली बात है कि प्रवर्तन निदेशालय कथित घोटाले के धन शोधन पहलू की जांच कर रहा है, जबकि सीबीआई इससे जुड़े आपराधिक संबंधों की जांच कर रही है।
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