कोलकाता, 6 फरवरी 2026: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। ईडी ने चार्जशीट में आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को मुख्य आरोपी बनाया है।
इसके अलावा दो निजी विक्रेता बिप्लब सिन्हा और सुमन हाजरा को भी आरोपी लाभार्थी के रूप में नामित किया गया है। दवाएं और चिकित्सा उपकरण सप्लाई करने वाली एजेंसी हाजरा मेडिकल को भी आरोपी बनाया गया है।
मुख्य आरोप (ईडी चार्जशीट से)
- टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर
- राज्य लोक निर्माण विभाग को दरकिनार कर निजी एजेंसियों को इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट देना
- पोस्टमार्टम के लिए लाए गए अज्ञात शवों से कथित तौर पर अंग बेचना
ईडी ने आरोप लगाया है कि संदीप घोष ने अपनी प्रिंसिपल नियुक्ति के बाद संपत्ति में तेजी से वृद्धि की।

जांच में पाया गया कि 2021 से प्रति वित्तीय वर्ष औसतन 60 शवों का कोई हिसाब नहीं था। पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग (WBHRC) ने भी इस अपराध को “सबसे अजीब अपराधों में से एक” बताया है।
सीबीआई की चार्जशीट से जुड़े तथ्य
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पहले ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। सीबीआई ने भी संदीप घोष को मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) बताया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि:
- संदीप घोष ने आरजी कर मुर्दाघर में अज्ञात शवों से अंग बेचकर वित्तीय लाभ कमाया
- उनकी संपत्ति में नियुक्ति के बाद असामान्य वृद्धि हुई
सीबीआई ने बलात्कार और हत्या के मामले के पीछे भी ‘बड़ी साजिश’ की जांच की थी।
जांच की स्थिति
- ईडी और सीबीआई दोनों एजेंसियां अलग-अलग कोण से जांच कर रही हैं।
- ईडी मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं पर फोकस कर रही है।
- मामला अभी भी जांच के दौर में है और आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
यह मामला आरजी कर मेडिकल कॉलेज में पिछले साल हुई महिला चिकित्सक की हत्या के बाद सामने आया था, जिसने पूरे देश में हंगामा मचा दिया था। वित्तीय घोटाले और अंग तस्करी के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
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