कोलकाता | 17 अक्टूबर 2025 : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल के 78 विधानसभा क्षेत्रों में नियुक्त निर्वाचन निबंधन अधिकारियों (ERO) को तुरंत बदलने का निर्देश दिया है। आयोग ने पाया कि इन अधिकारियों की नियुक्ति निर्धारित मानदंडों के उल्लंघन के तहत की गई थी।
📋 आयोग के निर्देशों की मुख्य बातें
- केवल WB Civil Service (Executive) कैडर के अधिकारी — जैसे SDO, उप-मंडलाधिकारी, ग्रामीण विकास अधिकारी — ही ERO नियुक्त किए जा सकते हैं
- 78 क्षेत्रों में नियुक्त अधिकारी निर्धारित रैंक से नीचे पाए गए
- राज्य सरकार को पत्र भेजकर नए नाम प्रस्तावित करने को कहा गया है
- 294 विधानसभा सीटों पर पदानुक्रम की समीक्षा जारी है
- अन्य क्षेत्रों में भी विसंगतियाँ मिलने पर प्रतिस्थापन आदेश जारी होंगे
इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र भेजकर ऐसे अधिकारियों के नाम प्रस्तावित करने को कहा गया है जो ईसीआई के निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।
आयोग के अनुसार, केवल पश्चिम बंगाल सिविल सर्विस (कार्यकारी) कैडर के उप-मंडलाधिकारी, एसडीओ और ग्रामीण विकास अधिकारी जैसे अधिकारी ही ईआरओ नियुक्त किए जा सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि आयोग ने पाया है कि इन 78 निर्वाचन क्षेत्रों में ऐसे अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जो निर्धारित रैंक से नीचे हैं। इसी कारण ईआरओ के प्रतिस्थापन के निर्देश जारी किए गए हैं।
🧭 क्यों है यह बदलाव ज़रूरी?
- चुनाव की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए
- ERO की भूमिका: मतदाता सूची का सत्यापन, नामांकन प्रक्रिया की निगरानी, चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करना
- निचले रैंक के अधिकारी संवेदनशील चुनावी जिम्मेदारियों को निभाने में सक्षम नहीं माने जाते
सूत्रों के अनुसार, आयोग राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों के ईआरओ की पदानुक्रम स्थिति की जांच कर रहा है। कई अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की विसंगतियां सामने आई हैं, जिनमें भी प्रतिस्थापन का आदेश दिया जाएगा।
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