ebook: किताबों का परिचय

बद्रीनाथ साव, कोलकाता । किताबें एक ऐसी साधन है, जिसका महत्व जितना भी बताया जाय कम ही होगा। ज्ञान से सरलता एवं सुगमता से जुड़ने का प्रभावी साधन किताबें ही होती है। किताबों के माध्यम से ही हमें अक्षर ज्ञान होता है जिसकी बदौलत हम साहित्य, संस्कृति, भूगोल का सुचारु रूप से अध्ययन कर पातें है। किताबें ही जब अख़बार का रूप ले लेती हैं तो हम इस माध्यम से दूर बैठें देश दुनिया की परिस्थितियों का पूरा अवलोकन कर लेते हैं। किताबें ही जब पत्र का रूप लेती हैं तो वह विशेष भावनाओं के साथ अपनों तक की दुरी तय करते हुवे फासलों को कम कर देती है।

यहीं किताबें जब अध्यादेश का रूप लेती हैं तो संसद की गरिमा बन कानून का रूप धारण करती हैं, यहीं किताबें जब सरकारी कार्यप्रणाली में जुड़ती है तो सूचना बन लोगो को जागरूग करने का कार्य करने लगती है। किताबों की सहायता लेकर ही लेखकों ने अपने विचारो को गढ़ा और लोगो को साहित्य कला संस्कृति से अवगत कराया। आज भी दुनिया के लिए प्रमुख रूचि का साधन अगर कुछ है तो वे किताबें ही है, जो कई रूप से पाठको तक पहुँचती है, फिर चाहे वो अखबार हो, सूचना हो, पत्र हो इत्यादि, इत्यादि।

ebook की परिभाषा : किताबों के शौक़ीन के लिए हिंदी में एक मुहावरा प्रचलित है की “किताबी कीड़ा” तो फिर ये कैसे हो सकता था की समय के साथ बदलती दुनिया में किताबें भी खुद को ना बदले। digital युग के शुरुआत के साथ ही किताबों ने भी digitilazation का चोला ओढ़ लिया और खुद को पाठको तक पहुँचाने में सफलता प्राप्त की और ये ebook यानी की digital पुस्तक के रूप में जानी जाने लगी। ebook यानी digital पुस्तकें कागजो के पुलिंदे की जगह digital रूप में संचित रहती हैं।

जिन्हे electronic gadgets यानी की computer, mobile, ipad एवं अन्य electronic यंत्रो में पढ़ा जा सकता है। इन्हे इंटरनेट पर भी छापा, बांटा या पढ़ा जा सकता है। इन्हे software में coding के साथ input किया जाता है जिसके बाद हम इसे किन्ही file format में खोलकर पढ़ सकते है, जैसे की PDF (portable document format), xps, jpeg इत्यादि। इन सबमे सबसे अधिक लोकप्रिय फॉर्मेट pdf है।

ebook का भविष्य : यूं तो भविष्य किसी ने देखा नहीं बस उसकी कल्पना की है जो स्मृति को सुखद या फिर दुखद अनुमान से भर देती है। लेकिन ये भी सच है कि हर कुछ का भूत, वर्तमान के परोक्ष एक भविष्य होता ही है। ऐसा ही कुछ भविष्य ebooks का भी दीखता है। वर्तमान में कई mobile applications के माध्यमों से कहानी कवितायें, गद्य प्रकाशित हो रही हैं जिनमे प्रमुख रूप से Amazon का kindle है और इसके अलावा भी Aldiko, kobo, google play books, ibook, scribd, pratilipi, matrubharti, web comics जैसे कई applications मिल जाएंगे।

इसके लिए आपको बस android mobile handset के google play store में जाकर ebooks type करना पड़ेगा और अगर आप apple mobile handset इस्तेमाल करते है तो istore में जाकर ebooks type करना पड़ेगा और वहीं अगर आप Microsoft mobile handset इस्तेमाल करते है तो फिर आपको Microsoft store में जाकर ebooks type करना पड़ेगा जिसके बाद तमाम तरह के ebooks application दिख जाएंगे जिनमें से आप अपने मनपसंद ebooks का चयन करके पढ़ सकते हैं।

हम ebooks को कई applications के माध्यम से सुन भी सकते है। ये application audio books या podcast के रूप में प्रचलित होते जा रहे है जैसे की audible, spotify, audiobooks, librivox, hoopla digital, serial box इत्यादि। परिवर्तन के इस दौर में पुस्तकालयों के स्थान पर ये नयी digital तकनीक ने जोरदार दस्तक दी है और लोगो के बीच बड़ी आसानी से उपलब्ध भी हो चुकी है।

आज आप प्रसिद्द उपनायास, गद्य, काव्य, धर्म ग्रन्थ भी सरलतापूर्वक ebooks के माध्यम से पढ़ सकते है। विद्यालयों में भी digital तकनीक को प्रमुखता देते हुए ebooks पर जोर दिया जा रहा है और बच्चो को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। सरकारों का प्रयास भी अधिक से अधिक ebooks पर ही है तो ऐसे में इससे विमुख होकर रहने की सोच महज एक मूर्खता ही कहलाएगी।

परिस्तिथियाँ भी यहीं इशारा करती है की आनेवाले समय में ebooks का ही बोलबाला होनेवाला है इसीलिए अगर आप भी पढ़ने के शौक़ीन है तो समय के साथ थोड़ा खुद को बदलिए और ebooks के द्वारा अपने शौक को एक नया रंग प्रदान कीजिये। ebooks से जुड़े अपने अनुभवों को टिप्पणियों के माध्यम से साझा करने का आपसे अनुरोध रहेगा और इसके लिए आप सबका विशेष धन्यवाद भी।

बद्रीनाथ साव
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