तारकेश कुमार ओझा। दुर्गापुर के हृदय में, ज्ञान के देवालय – सेंट्रल लाइब्रेरी में आज एक नए सूरज का उदय हुआ। हिंदी विभाग की डिजिटल लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन मानो तकनीक और साहित्य के संगम से बहती एक नई ज्ञानगंगा का आरंभ हो।
इस आयोजन का दीप जलाया पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री प्रदीप मजूमदार ने, जबकि जिले के संरक्षक, पश्चिम बर्दवान के जिलाशासक एस. पोन्नाम्बलम, आसनसोल-दुर्गापुर विकास परिषद के अध्यक्ष कवि दत्ता, नगर निगम की मुख्य प्रशासक अनिंदिता मुखर्जी तथा अन्य अनेक प्रशासनिक अधिकारी ज्ञानयज्ञ के इस अनुष्ठान में साक्षी बने।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से यह पहल पश्चिम बंगाल के जिला पुस्तकालयों में पहली बार अपने स्वरूप में मूर्त रूप ले पाई। पुस्तकों की पुरानी खुशबू के साथ डिजिटल युग की नई बयार जैसे एक ही छत के नीचे मिल गई हो।

अब विद्यार्थियों के लिए ज्ञान सिर्फ एक स्पर्श की दूरी पर होगा- मानो किताबें स्वयं स्क्रीन पर जीवंत होकर संवाद कर रही हों। जिलाशासक एस. पोन्नाम्बलम ने इस प्रयास के लिए सिटी सेंट्रल लाइब्रेरी को आठ लाख रुपए की सहायता प्रदान की।
वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि यह योगदान ज्ञान के दीपक में घी बनकर उसकी लौ को और उज्जवल करेगा। अब दुर्गापुर के हर नागरिक, हर विद्यार्थी को इस डिजिटल सागर में गोता लगाने का अवसर मिलेगा।
छोटे बच्चों के लिए भी वहाँ खेल-खेल में सीखने की रंगीन बगिया सजी है, जहाँ शिक्षा और मनोरंजन एक साथ झूलते हैं। कहा कि निस्संदेह, यह पहल जिले को ज्ञान के नए युग में प्रवेश कराएगी।
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