कोलकाता हिन्दी न्यूज | 10 सितम्बर 2026: शारदीय आकाश में ड्रोन की रोशनी, चारों ओर मातृवंदना और बंगाल की लोकसंस्कृति की रंगारंग प्रस्तुति—दुर्गापूजा 2026 की शुरुआत इस बार बेहद भव्य अंदाज में होने जा रही है।
महालया की शाम कोलकाता के ईडन गार्डन्स में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मां दुर्गा के चक्षुदान किए जाने की तैयारी है। इसी के साथ राज्य में इस वर्ष के दुर्गापूजा समारोह की औपचारिक शुरुआत होगी।
कार्यक्रम से पहले रोड शो भी प्रस्तावित है। रोशनी से सजे रेड रोड पर होने वाली पूजा शोभायात्रा में पश्चिम बंगाल के 23 जिलों की 23 अलग-अलग लोक एवं पारंपरिक नृत्य शैलियों को प्रस्तुत किया जाएगा। इसका उद्देश्य बंगाल की विविध लोकसंस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने पेश करना है।
ईडन में प्रधानमंत्री के स्वागत की भव्य तैयारी
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईडन गार्डन्स पहुंचने के दौरान करीब 1,000 महिलाओं द्वारा उलुध्वनि की जाएगी। वहीं, करीब 10 हजार ढाकियों के ढाक की गूंज से पूरा स्टेडियम परिसर गुंजायमान होने की तैयारी है।
आयोजकों को उम्मीद है कि इतने बड़े पैमाने पर एक साथ ढाक बजाने और पारंपरिक उलुध्वनि का यह आयोजन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बना सकता है।
ईडन गार्डन्स के स्टेडियम परिक्रमा के दौरान लोकप्रिय गायिका श्रेया घोषाल द्वारा पूजा के विशेष गीत प्रस्तुत किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ कई दौर की बैठक
नवान्न सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि दुर्गापूजा के इस विशेष कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री के सचिवालय के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हुई हैं। कार्यक्रम के ब्लूप्रिंट को अंतिम रूप दिया जा चुका है, हालांकि अंतिम समय में कुछ छोटे बदलाव संभव हैं।
सुरक्षा के लिहाज से भी ईडन गार्डन्स को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 25 सितंबर से 15 अक्टूबर तक ईडन गार्डन्स की सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी के जिम्मे रहेगी।
ईडन से 10 हजार दुर्गापूजाओं का उद्घाटन
इस बार ईडन गार्डन्स का कार्यक्रम केवल एक केंद्रीय समारोह तक सीमित नहीं रहेगा। कार्यक्रम स्थल से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के हाथों राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करीब 10 हजार दुर्गापूजाओं के उद्घाटन की योजना है।
इस दौरान आधुनिक तकनीक और पारंपरिक आस्था का अनोखा मेल देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में ‘मां आ रही हैं—उमा स्टोरी’ थीम पर थ्री-डी प्रोजेक्शन मैपिंग शो की अत्याधुनिक व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
शाम 4 बजे से शुरू होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम
नवान्न सूत्रों के अनुसार, ईडन गार्डन्स में सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत शाम करीब 4 बजे होगी। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों की लोकसंस्कृति, लोकनृत्य और पारंपरिक कलाओं को मंच दिया जाएगा।
उत्तर बंगाल से लेकर जंगलमहल और दक्षिण बंगाल तक राज्य की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की झलक इस आयोजन में दिखाई देगी।
23 जिलों की लोकसंस्कृति एक मंच पर
कार्यक्रम में दार्जिलिंग की तामांग सेलो, कालिम्पोंग का लेपचा नृत्य और जलपाईगुड़ी तथा उत्तर एवं दक्षिण दिनाजपुर की राजबंशी लोकनृत्य परंपरा प्रस्तुत किए जाने की योजना है।
इसके अलावा—
- मालदा की गम्भीरा
- बीरभूम का बाउल संगीत
- पूर्व बर्दवान का राइबेशे
- पश्चिम बर्दवान का संथाली नृत्य
- नदिया का गौड़ीय वैष्णव नृत्य
- बांकुड़ा और पुरुलिया का छऊ
- झाड़ग्राम का संथाली नृत्य
- पूर्व मेदिनीपुर का पटुआ गीत
- हुगली की रामप्रसादी परंपरा
- हावड़ा का लोकनाट्य
- उत्तर 24 परगना की बनबिबी पाला
सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों की लोककलाओं को कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
परंपरा, तकनीक और आधुनिक आयोजन का संगम
दुर्गापूजा 2026 के इस प्रस्तावित आयोजन की खासियत यह होगी कि इसमें बंगाल की पारंपरिक लोकसंस्कृति को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।
एक ओर हजारों ढाकियों की सामूहिक प्रस्तुति और महिलाओं की उलुध्वनि होगी, तो दूसरी ओर ड्रोन लाइटिंग और थ्री-डी प्रोजेक्शन मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी प्रयोग दर्शकों को आकर्षित करेंगे।
महालया की शाम ईडन गार्डन्स में होने वाला यह कार्यक्रम बंगाल की दुर्गापूजा परंपरा, लोकसंस्कृति और आधुनिक प्रस्तुति शैली को एक ही मंच पर लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
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