कोलकाता हिन्दी न्यूज | 07 सितम्बर 2026: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद पहली बार राज्य में दुर्गापूजा को लेकर बड़े स्तर पर सरकारी तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को पूजा आयोजकों के साथ अहम बैठक भी हुई।
लेकिन इस बैठक से पहले ही राज्य सरकार के एक आधिकारिक निमंत्रण पत्र में मां दुर्गा की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया। निमंत्रण पत्र में मां दुर्गा की सामान्य दस भुजाओं के बजाय 11 भुजाओं वाली तस्वीर दिखाई गई है।
सरकारी निमंत्रण पत्र में मां दुर्गा की इस तस्वीर को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर तंज कसना शुरू कर दिया। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने इसे प्रिंटिंग एजेंसी की गलती बताते हुए कहा कि इसे ठीक कर लिया जाएगा।
सरकारी निमंत्रण पत्र में दिखीं 11 भुजाओं वाली मां दुर्गा
सोमवार को मिलन मेला प्रांगण में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में दुर्गापूजा की तैयारियों को लेकर बैठक होनी थी। बैठक से पहले पूजा आयोजकों के बीच सरकारी निमंत्रण पत्र वितरित किए गए। इसी निमंत्रण पत्र में मां दुर्गा की तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींचा।
तस्वीर में मां दुर्गा की 11 भुजाएं दिखाई दे रही थीं। तस्वीर में एक अतिरिक्त हाथ और उसमें एक अतिरिक्त अस्त्र नजर आ रहा है। हालांकि, तस्वीर में अतिरिक्त हाथ में मौजूद वस्तु स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है।
निमंत्रण पत्र सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस तस्वीर को लेकर चर्चा शुरू हो गई। राजनीतिक दलों ने भी इसे अपने-अपने तरीके से मुद्दा बनाना शुरू कर दिया।
शमीक भट्टाचार्य ने कहा- ‘एजेंसी से गलती हुई’
मामले पर पत्रकारों ने जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य से सवाल किया तो उन्होंने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि संभवत: निमंत्रण पत्र तैयार करने वाली एजेंसी से गलती हुई है और इसे सुधार लिया जाएगा।
शमीक भट्टाचार्य ने कहा, “मां दुर्गा और शक्तिशाली हो गई हैं! हालांकि मैंने विज्ञापन नहीं देखा है। देखिए, किस एजेंसी ने छापते समय गलती की है। ये सब क्या राजनीति का विषय है? इसे सुधार लिया जाएगा।”
उनके इस बयान के बाद मामला कुछ हद तक शांत होता नजर आया, लेकिन विपक्षी दलों की ओर से सरकार पर निशाना साधने का सिलसिला जारी रहा।
CPM नेता शतरूप घोष ने साधा निशाना
सरकारी निमंत्रण पत्र में मां दुर्गा की 11 भुजाओं वाली तस्वीर का मुद्दा सबसे पहले सीपीएम नेता शतरूप घोष ने उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए सरकार पर व्यंग्य किया।
शतरूप घोष ने कहा कि देवी दुर्गा को देवताओं की ओर से महिषासुर के वध के लिए दस हाथों में अस्त्र दिए जाने की मान्यता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार की ओर से मां दुर्गा को एक अतिरिक्त हाथ दे दिया गया है।
उन्होंने इस अतिरिक्त हाथ को लेकर राजनीतिक व्यंग्य करते हुए कहा कि यह शायद उन लोगों से निपटने के लिए दिया गया है, जो पूजा के दौरान बंगालियों के खान-पान को लेकर फरमान जारी करने की कोशिश करें।
सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार भाजपा सरकार के कार्यकाल में दुर्गापूजा
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला मौका है जब भाजपा सरकार के कार्यकाल में राज्य का सबसे बड़ा धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सव दुर्गापूजा आयोजित होने जा रहा है। इसे देखते हुए सरकार की ओर से पूजा समितियों और आयोजकों के साथ व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पूजा आयोजकों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। सरकार की ओर से सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और पूजा आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की जा रही है।
हालांकि, सरकारी निमंत्रण पत्र में मां दुर्गा की तस्वीर को लेकर पैदा हुआ विवाद अब इस पूरी कवायद के बीच राजनीतिक चर्चा का नया विषय बन गया है।
‘एजेंसी की गलती’ बताकर सरकार ने किया विवाद शांत करने का प्रयास
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि तस्वीर में हुई गलती को सुधार लिया जाएगा। उन्होंने इसे किसी राजनीतिक या वैचारिक निर्णय से जोड़ने से इनकार किया।
अब देखना होगा कि सरकारी स्तर पर निमंत्रण पत्र की तस्वीर में बदलाव किया जाता है या नहीं। फिलहाल मां दुर्गा की 11 भुजाओं वाली तस्वीर को लेकर शुरू हुआ विवाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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