कोलकाता हिन्दी न्यूज | 06 सितम्बर 2026: प्रत्यक्ष कर पेशेवर संघ (डीटीपीए) की ओर से रविवार, 6 सितंबर 2026 को कोलकाता के होटल ताज बंगाल में वार्षिक सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया।
सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, कर विशेषज्ञों, पूंजी बाजार विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित वक्ताओं ने कराधान, सुशासन, निवेश तथा भारत की विकास यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
डीटीपीए की अध्यक्ष सीए मंजुलता शुक्ला ने बताया कि इस वर्ष के सम्मेलन की विषयवस्तु ‘टैक्सनेक्स्ट : नवाचार, सुशासन और विकास—आज के अनुरूप ढलना, कल का नेतृत्व करना’ रखी गई थी।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य तेजी से बदल रहे कराधान, वित्तीय बाजार, सुशासन और आर्थिक विकास के परिदृश्य पर पेशेवरों को समकालीन दृष्टिकोण उपलब्ध कराना था।
रथींद्र बोस ने किया सम्मेलन का उद्घाटन
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथींद्र बोस ने किया। सुरभि वर्मा गर्ग, भारतीय राजस्व सेवा, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम ने विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्घाटन सत्र की शोभा बढ़ाई।
अपने संबोधन में रथींद्र बोस ने समाज और राष्ट्र के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारियों को समझने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है।
प्रत्येक व्यक्ति को यह पहचानने की जरूरत है कि समाज में उसकी क्या भूमिका है और उसने अपने समाज, राज्य तथा देश को क्या योगदान दिया है।
भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत केवल एक भूखंड नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सभ्यता की धरोहर है।
उन्होंने बंगाल की भाषा और संस्कृति को समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बंगाल भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत की विभिन्न संस्कृतियों को आत्मसात करने से ही ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प पूरा हो सकेगा।
‘विकसित भारत 2047’ में पश्चिम बंगाल की भूमिका पर मंथन
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण ‘विकसित भारत 2047 : भारत की विकास यात्रा में पश्चिम बंगाल की भूमिका’ विषय पर आयोजित विशेष परिचर्चा रही।
इसमें डॉ. स्वपन दास गुप्ता, वित्त मंत्री पश्चिम बंगाल सरकार; सुजीत कुमार, भारतीय राजस्व सेवा, विधायक एवं पूर्व प्रधान आयकर आयुक्त; तथा श्रीप्रकाश दुबे, भारतीय राजस्व सेवा, प्रधान आयकर आयुक्त, नई दिल्ली ने हिस्सा लिया।
पूंजी बाजार पर विशेषज्ञों ने रखे विचार
सम्मेलन समिति के अध्यक्ष सीए रमेश के. चोखानी ने बताया कि पहले तकनीकी सत्र में पूंजी बाजार पर चर्चा हुई।
इसमें सीए अनिल सिंघवी, पूंजी बाजार विशेषज्ञ एवं जी बिजनेस के प्रधान संपादक, तथा अजय बग्गा, निजी निवेशक एवं पूंजी बाजार विशेषज्ञ ने हिस्सा लिया।
सत्र में पूंजी बाजार के मौजूदा परिदृश्य, बदलते रुझानों और उभरते निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बेनामी कानून, पीएमएलए और काले धन पर चर्चा
दूसरे तकनीकी सत्र को अधिवक्ता (सीए) अश्वनी तनेजा, पूर्व सदस्य, आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण ने संबोधित किया। सत्र में बेनामी कानून, धनशोधन निवारण कानून और काले धन से संबंधित कानूनों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
इस दौरान कराधान से जुड़े कानूनों और अन्य आर्थिक कानूनों के बीच बढ़ते संबंधों तथा पेशेवरों और आम नागरिकों पर उनके प्रभाव से जुड़े मुद्दों और समाधान पर विचार किया गया।
नए आयकर कानून में बदलाव पर चर्चा
तीसरे तकनीकी सत्र में आयकर से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। जाने-माने कर विशेषज्ञ डॉ. (सीए) गिरिश आहूजा ने ‘आयकर अधिनियम, 2025 और आयकर अधिनियम, 1961 में महत्वपूर्ण बदलाव’ विषय पर अपना वक्तव्य दिया।
उन्होंने नए आयकर कानून में हुए महत्वपूर्ण बदलावों तथा नई व्यवस्था के लागू होने से कर विशेषज्ञों और करदाताओं पर पड़ने वाले प्रभावों को विस्तार से समझाया।
परिचर्चा का संचालन सीए रंजीत के. अग्रवाल, भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान के पूर्व अध्यक्ष ने किया। कार्यक्रम में शैलेंद्र कुमार तिवारी का विशेष योगदान रहा।
वक्ताओं ने पश्चिम बंगाल की आर्थिक क्षमता, विकास की संभावनाओं और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में पश्चिम बंगाल की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन में कराधान, वित्तीय बाजार, कानून, सुशासन और आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
कार्यक्रम ने कर एवं वित्तीय क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को बदलती कर व्यवस्था और आर्थिक परिदृश्य को समझने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन लकी ड्रॉ के साथ हुआ।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



