नई दिल्ली। डॉ. विक्रम चौरसिया को अखिल भारतीय विधवा दिव्यांग संघ महिला सुरक्षा सेना का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अनिल गुप्ता से बात करते हुए डॉ. विक्रम चौरसिया ने कहा कि विधवा महिलाओं को सामाजिक अलगाव, भेदभाव, आर्थिक तंगी के साथ ही मानसिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है।
जबकि वहीं दिव्यांगजन शिक्षा, रोजगार, सामाजिक भागीदारी और सहायक तकनीकों तक पहुँच जैसी चुनौतियों से जूझते रहे हैं। दोनों समूहों को रूढ़िवादी सामाजिक दृष्टिकोणों से जूझना पड़ता है जो उनकी गरिमा को कम करते हैं, जिससे जीवन बहुत अधिक कठिन हो जाता है। विधवा महिलाओं को अक्सर अशुभ माना जाता है और उन्हें सामाजिक गतिविधियों से दूर रखा जाता है।
जागरूकता बढ़ाने के लिए ही प्रख्यात चिंतक, सामाजिक कार्यकर्ता व आईएएस मेंटर डॉ. विक्रम चौरसिया को संस्थापक अनिल गुप्ता ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाने का डॉ. विक्रम चौरसिया जी के साथ संकल्प लिया।
समाज में विधवाओं और दिव्यांगों के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण को बदलना और उन्हें संवेदनशील बनाने की आवश्यकता है। सरकारी योजनाओं को मजबूत करना ही संस्था का मुख्य उद्देश्य है।
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