साहित्यडीपी सिंह की कुण्डलिया Posted on August 20, 2022 by Ashreya Prasad कुण्डलिया एकलव्य ने कलयुगी, साध लिया तूणीर और मीडिया-मुख भरे, विज्ञापन के तीर विज्ञापन के तीर, ताकि वो बोल न पाये जो कह दे सच-झूठ, रात-दिन वही दिखाये नई दक्षिणा रीत, सिखा दी आज द्रव्य ने अँगुठा देना दूर, दिखाया एकलव्य ने डीपी सिंह जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त आसनसोल में तीन दिवसीय हिन्दी नाट्य उत्सव का आयोजन 23 अगस्त से