नई दिल्ली। मानसून सत्र के पहले सप्ताह में बार-बार व्यवधान के बाद, संसद में सोमवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम आतंकी हमले पर महत्वपूर्ण बहस होने वाली है।मॉनसून सत्र में यह चर्चा राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के मुद्दों पर केंद्रित होगी। ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा से पहले बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष ने प्रदर्शन किया है।
कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ संसद में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत करेंगे। यह 16 घंटे की महत्वपूर्ण बहस होगी, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल होंगे।
वे पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के व्यापक प्रभावों पर सरकार का पक्ष रखेंगे। अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे सहित भाजपा के प्रमुख सांसद भी इस बहस में हिस्सा लेंगे।
विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं के भी इस बैठक में भाग लेने की उम्मीद है।
कांग्रेस पार्टी ने एक व्हिप जारी कर अपने सभी लोकसभा सांसदों को अगले तीन दिनों तक सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
मानसून सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही, क्योंकि विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) और अन्य मुद्दों पर कार्यवाही बाधित की।
इसके बाद, 25 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि विपक्ष ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा शुरू करने के लिए सहमति जताई है, जो सोमवार को लोकसभा में और मंगलवार को राज्यसभा में होगी।
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