खड़गपुर। हल्दिया बंदरगाह प्राधिकरण की नीतियों के विरोध में ठेकेदार कंपनियों के बीच असंतोष गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर हल्दिया डॉक कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया है। गुरुवार को हल्दिया के चिरंजीवपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी नाराजगी सार्वजनिक की।
एसोसिएशन के अनुसार, 65 करोड़ रुपये के टेंडर के तहत 449 ठेका श्रमिकों को काम मिलने की संभावना है। आरोप है कि एमएसएमई इकाइयों के रूप में स्वीकृत स्थानीय ठेकेदारों से काम वापस लेकर बड़ी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि सात बड़ी कंपनियों को यह कार्य दिए जाने की संभावना है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष विभास चंद्र सामंत ने कहा, “बंदरगाह प्राधिकरण हमारे साथ असहयोगपूर्ण रवैया अपना रहा है। हमारा काम छीनने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका हम कड़ा विरोध करते हैं। हमारा आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर हम अनशन पर भी बैठेंगे।”

आंदोलनकारी ठेकेदारों में आदित्य कुमार साहू, देवी दास राय और सुनील कुमार मंडल ने भी बंदरगाह प्राधिकरण के कदम को पक्षपातपूर्ण बताया है। हालांकि, इस संबंध में बंदरगाह प्राधिकरण की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि बंदरगाह की स्थापना के बाद से ये ठेकेदार कंपनियां विभिन्न विभागों में कार्यरत रही हैं। अचानक नीतिगत बदलाव से कई ठेकेदारों के सामने रोजगार संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



