फोटो साभार : गूगल

कोलकाताः राज्य सरकार की ओर से किसी भी कोरोना संदिग्ध या कोरोना पीड़ित की मौत के बाद मौत के सही कारण की जांच के लिए राज्य सरकार की तरफ से एक ऑडिट कमेटी गठित की गई है। राज्य सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए अब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। घोष ने कोरोना को लेकर राज्य सरकार की भूमिका पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए और ऑडिट कमेटी गठन के खिलाफ उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है। उन्होंने प्रश्न उठाया है कि राज्य में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या बताने के लिए क्यों ऑडिट कमेटी गठित की गई?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट में किए गए मामले में फिर से राज्य सरकार के खिलाफ कोरोना से जुड़े तथ्यों को दबाने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही गठित ऑडिट कमेटी की भूमिका पर भी कई बड़े सवाल खड़े किए गए हैं। वहीं फ्रंटलाइन में आने वाले पुलिस कर्मियों को पीपीई देने की मांग की गई है। गौरतलब हो कि कोरोना जांच व संक्रमितों तथा मौत के आंकड़ों को लेकर बंगाल में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

उधर राज्य में कोरोना वायरस की चपेट में आने से होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। वहीं कोरोना संक्रमितों की संख्या के भी बढ़ने का सिलसिला जारी है। गुरुवार शाम तक पिछले 24 घंटे में राज्य में कोरोना वायरस के 35 से अधिक नए मामले सामने आए। इस प्रकार राज्य में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 572 हो गई है। वहीं मृतकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। उधर बंगाल में कोरोना वायरस को लेकर केन्द्र के आंकड़ों की बात करें तो अब तक बंगाल में कोरोना संक्रमितों की संख्या 700 के पार हो गई है।

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