कोलकाता न्यूज डेस्क | 16 जून 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तीखे आरोप-प्रत्यारोप के बीच पंचायत एवं कृषि विपणन मंत्री दिलीप घोष ने पूर्व सिंचाई मंत्री मानस भुइयां को लेकर ऐसा बयान दिया जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी।
खड़गपुर शहर के चौरंगी इलाके में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे दिलीप घोष ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर वह मानस भुइयां को बड़े भाई जैसा सम्मान देते हैं।
उन्होंने कहा कि मानस भुइयां राजनीति में उनसे वरिष्ठ रहे हैं और लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। इसलिए उनके प्रति उनके मन में हमेशा आदर का भाव रहा है।
क्या भाजपा में शामिल होंगे मानस भुइयां?
हाल ही में तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले मानस भुइयां के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर जब पत्रकारों ने सवाल किया तो दिलीप घोष ने दो टूक जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने फिलहाल नए लोगों के लिए दरवाजे बंद कर दिए हैं। उनके मुताबिक, भाजपा को जनता का भरपूर समर्थन मिल चुका है और अब किसी नए चेहरे की आवश्यकता नहीं है।
दिलीप घोष ने कहा,
“जनादेश हमारे साथ है। जनता ने हमें 208 सीटें दी हैं। अब हमें किसी और की जरूरत नहीं है। बाकी लोग तय करें कि उन्हें किस पार्टी में जाना है।”
उन्होंने तृणमूल पर तंज कसते हुए कहा कि कई नेता अब नई-नई पार्टियां बनाकर खुद ही उनमें शामिल हो रहे हैं क्योंकि उनके लिए अन्य राजनीतिक विकल्प सीमित होते जा रहे हैं।
मानस भुइयां ने भी की दिलीप घोष की तारीफ
दूसरी ओर, तृणमूल छोड़ चुके मानस भुइयां ने भी दिलीप घोष की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिलीप घोष सरल और स्पष्टवादी व्यक्ति हैं तथा बिना लाग-लपेट अपनी बात रखते हैं।
मानस भुइयां ने उम्मीद जताई कि पंचायत जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद दिलीप घोष ग्रामीण विकास और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में बेहतर काम करेंगे।
रश्मि मेटालिक्स प्रदूषण विवाद पर भी बोले मंत्री
कार्यक्रम के दौरान खड़गपुर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित रश्मि मेटालिक्स फैक्ट्री से कथित प्रदूषण फैलने के मुद्दे पर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन पहले ही स्थानीय प्रशासन और उनसे मुलाकात कर चुका है तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने उम्मीद जताई कि जल्द ही इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा।
उधर, रश्मि मेटालिक्स प्रबंधन ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर पर्यावरणीय मानकों का पालन करने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय लागू करने का आश्वासन दिया है।
बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच सौहार्द की मिसाल
मानस भुइयां के तृणमूल छोड़ने और राज्य की राजनीति में लगातार बदलते समीकरणों के बीच दिलीप घोष का यह बयान इस बात का संकेत देता है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद व्यक्तिगत रिश्तों को अलग रखा जा सकता है।
हालांकि भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं पर उन्होंने साफ इनकार कर दिया है, जिससे फिलहाल इस मुद्दे पर लग रही अटकलों पर विराम लग गया है।
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