- कम खर्च, ज्यादा सुरक्षा: महिलाओं के लिए नई पहल
मुंबई (अनिल बेदाग), सितंबर 2025: भारत में महिलाओं को गर्भाशय मुख के कैंसर से बचाने के लिए अब एक नई डिजिटल पहल शुरू हो रही है। दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और विदाल हेल्थ (जो बजाज फिनसर्व का हिस्सा है) ने मिलकर इस दिशा में साझेदारी की है।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म 1 अक्टूबर 2025 से पूरे देश में उपलब्ध होगा। यहां महिला मरीजों को एचपीवी वैक्सीन से जुड़ी सभी सेवाएं बिना कागजी प्रक्रिया और पूरी तरह कैशलेस तरीके से ऑनलाइन मिलेंगी।
प्लेटफॉर्म पर अपॉइंटमेंट बुकिंग, सहमति पत्र भरना और वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र प्राप्त करना सब डिजिटल होगा। साथ ही, वैक्सीन की खुराक का शेड्यूल रिमाइंडर के जरिए मरीजों तक पहुँचेगा और उपचार की निरंतरता बनाए रखने में यह मददगार साबित होगा।
📲 सेवा की प्रमुख विशेषताएँ
- डिजिटल हेल्थ आईडी के माध्यम से टीकाकरण का रिकॉर्ड
- CoWIN प्लेटफॉर्म का उन्नत संस्करण — अब बच्चों और माताओं के लिए
- SMS और WhatsApp रिमाइंडर से अगली डोज़ की जानकारी
- आधार लिंकिंग से पहचान और डेटा की सुरक्षा
- ऑनलाइन सर्टिफिकेट और टीकाकरण इतिहास की रिपोर्ट उपलब्ध
बजाज फिनसर्व के चेयरमैन संजीव बजाज का कहना है कि यह कदम निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा और लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक व जिम्मेदार बनाएगा।
सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ आदर पूनावाला ने जोर देकर कहा कि एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय मुख के कैंसर से सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन है। हालांकि, इसके प्रभाव को व्यापक बनाने के लिए आसान उपलब्धता और जागरूकता बेहद जरूरी है।
🌐 राज्यों की तैयारी
- पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में पायलट प्रोजेक्ट सफल
- आशा कार्यकर्ताओं और ANM नर्सों को मोबाइल ऐप प्रशिक्षण दिया गया
- PHC और CHC स्तर पर डिजिटल रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित
यही इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य है। विदाल हेल्थ की कार्यकारी निदेशक नीथा उत्तय्या ने बताया कि इस कदम से अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता और भारी चिकित्सा खर्चों में कमी आएगी।
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