कोलकाता हिन्दी न्यूज | 15 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध दीघा जगन्नाथ मंदिर में 15 दिनों के अनवसर (अनसार) काल के बाद बुधवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन फिर से शुरू हो गए।
अब मंदिर प्रशासन की पूरी तैयारी गुरुवार को होने वाली भव्य रथयात्रा को लेकर है। अनुमान है कि इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु दिगा पहुंचेंगे। इसे देखते हुए सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है।
15 दिन बाद खुले गर्भगृह के द्वार
रथयात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ का स्नान पूर्णिमा के बाद पारंपरिक रूप से 15 दिनों तक अनवसर काल रहता है। इस दौरान श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं होते।
बुधवार सुबह 6 बजे मंदिर के गर्भगृह के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह से ही भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचने लगे।
दीघा जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख पुजारी राधारमण दास ने कहा, “15 दिनों के अनवसर के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के पुनः दर्शन भक्तों के लिए अत्यंत आनंद और भावनात्मक क्षण है। हम सभी श्रद्धालुओं से दिगा की ऐतिहासिक रथयात्रा में शामिल होने का आग्रह करते हैं।”
रथयात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में
मंदिर प्रशासन के अनुसार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीनों रथ लगभग पूरी तरह तैयार हैं। रथयात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की तैयारी की है।
शिशिर अधिकारी होंगे मुख्य अतिथि
इस वर्ष दीघा रथयात्रा के मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांथी के पूर्व सांसद शिशिर अधिकारी होंगे। वे रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष दीघा जगन्नाथ मंदिर की पहली रथयात्रा का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया था। इस वर्ष राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कार्यक्रम की अगुवाई शिशिर अधिकारी करेंगे।
रथयात्रा का पूरा कार्यक्रम
मंदिर समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—
- सुबह 10:30 बजे रथयात्रा उत्सव की शुरुआत होगी।
- भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को मंदिर से तीन अलग-अलग रथों तक लाया जाएगा।
- दोपहर 1:00 बजे से 2:30 बजे तक तीनों रथों को सजाया जाएगा तथा भगवान को भोग अर्पित किया जाएगा।
- दोपहर 3:00 बजे से 3:30 बजे तक उद्घाटन समारोह आयोजित होगा।
- दोपहर 3:30 बजे शिशिर अधिकारी रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे।
- शाम 4:30 बजे तीनों रथ गुंडिचा मंदिर (मौसी घर) पहुंचेंगे।
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि इस वर्ष रथयात्रा में पश्चिम बंगाल के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। इसी को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवकों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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